कोलकाता। शहर के युवा भारती क्रीड़ांगन (साल्ट लेक स्टेडियम) में इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 का एक अहम मुकाबला पिछली चैंपियन मोहनबागान सुपर जाएंट और मुंबई सिटी एफसी की टीमों के बीच खेला गया। इस मैच में मुंबई सिटी एफसी ने शानदार फुटबॉल का प्रदर्शन करते हुए मोहनबागान को 1-0 से पराजित कर दिया।मैच का एकमात्र गोल मुंबई सिटी एफसी के खिलाड़ी पी.एन. नौफाल ने मैच के 27वें मिनट में किया, जो अंत तक निर्णायक साबित हुआ।अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेल रही मोहनबागान की टीम ने खेल की शुरुआत आक्रामक ढंग से की।टीम की ओर से मिडफील्ड में अनिरुद्ध थापा और लिस्टन कोलाको ने गेंद पर नियंत्रण बनाते हुए लगातार हमले किए ,वहीं मुंबई सिटी ने शुरुआत में रक्षात्मक रुख अपनाते हुए खेल को संतुलित रखा और काउंटर अटैक की रणनीति पर भरोसा किया। शुरुआती 15 मिनट में मोहन बागान ने अधिक पजेशन रखा, लेकिन वे कोई गोल का मौका नहीं बना सके।
27 वें मिनट के पलटवार ने दिलाई मुंबई को बढ़त
मैच के 27 वें मिनट में मुंबई सिटी एफसी ने मोहन बागान की गोलपोस्ट की ओर एक शानदार पलटवार किया, इस अटैक ने मोहनबागान की रक्षापंक्ति को तितर – बितर कर दिया,लालियानजुआला छंगटे ने बाएं फ्लैंक से शानदार दौड़ लगाकर गेंद पेरेरा डियाज की ओर बढ़ाई, वहां से गेंद जॉनी कौको तक पहुंची और अंत में पी. एन. नौफ़ाल को मिली, जिन्होंने शानदार शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट के अंदर डाल दिया। यही गोल मैच का निर्णायक गोल भी साबित हुआ।
पहला हॉफ : गोलकीपरों के शानदार बचाव
खेल के पहले हाफ में दोनों टीमों के गोलकीपरों ने अपनी- अपनी टीमों के लिए जान लगा दी,कश्मकश भरे इस मुकाबले में एक ओर जहां मोहनबागान के गोलकीपर विशाल कैथ ने अपनी टीम की ओर से कई बचाव करते हुए छांगटे और ऑर्टिज के प्रयासों को विफल किया, वहीं मुंबई सिटी के फुर्बा लाछेनपा ने दिमित्रियास पेट्राटोस के खतरनाक फ्री-किक और अन्य प्रयासों को विफल कर दिया।
दूसरा हॉफ : रक्षापंक्ति बनी मुंबई के लिए दीवार
खेल के दूसरे हाफ में मोहनबागान की टीम बुलंद इरादों के साथ मैदान पर उतरी,टीम का उद्देश्य बाकी बचे हुए मैच में वापसी के साथ पूरे 3 अंक हासिल करने का था , लेकिन मुंबई की रक्षापंक्ति ने मोहनबागान के इरादों पर पानी फेर दिया।मोहनबागान की टीम हमले पर हमले बोलती रही लेकिन मुंबई का डिफेंस चट्टान की तरह अड़ा रहा,मैच के आंकड़े भी गवाही देते की बागान मैदान पर हावी रहा उन्होंने 78 प्रतिशत मौकों पर गेंद पर नियंत्रण रखा और मुंबई के गोल पर 17 प्रहार किए वहीं मुंबई सिटी एफसी ने सिर्फ 10 प्रहार किए।इसके बाद भी मोहनबागान की टीम गोल नहीं कर पाई,जिसका कारण मुंबई की मजबूत रक्षा पंक्ति रही।
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लाछेनपा का यादगार प्रदर्शन
खेल के दूसरे हाफ में मोहनबागान लगातार हमले कर रही थी।इस दौरान मुंबई सिटी एफसी के गोलकीपर फुर्बा लाछेनपा ने कई जबरदस्त बचाव किए।सही मायनों में मुंबई के जीत के हीरो वही रहे।लिस्टन कोलाको, जेमी मैकलारेन और पेट्राटोस जैसे खिलाड़ियों के शॉट्स को उन्होंने बेहतरीन तरीके से रोका।आखिरी 10 मिनट में मोहन बागान ने लगातार कॉर्नर और क्रॉस के जरिए दबाव बनाया, लेकिन लाछेनपा हर बार मजबूती से खड़े रहे और टीम को बढ़त बनाए रखने में सफल रहे।
रणनीति बनी जीत की कुंजी
मुंबई की टीम पूरे मैच के दौरान अधिकतर समय रक्षात्मक मुद्रा में नजर आई,लेकिन अवसर मिलने पर टीम ने जबरदस्त पलटवार भी किए।उन्होंने हमले जरूर कम किए लेकिन अधिक प्रभावी खेल दिखाया उनकी यही रणनीति सफल भी रही, जबकि मोहन बागान ने आक्रामक खेल तो दिखाया, लेकिन जब बात फिनिशिंग की आई तो उनके खिलाड़ी अपने लक्ष्य को भेदने में सफल नहीं हुए और इसी कमी के कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
बदल गई अंक तालिका
इस मैच के पहले तक मोहनबागान की टीम लीग की अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर चल रही थी लेकिन इस हार ने टीम को दूसरे स्थान पर धकेल दिया और उसके पास 13 अंक हैं जबकि मुंबई की टीम 14 अंकों के साथ तालिका के शीर्ष पर पहुंच गई है।यह बदलाव लीग के आगे के मुकाबलों को और भी रोमांचक बना देगा, क्योंकि दोनों टीमें खिताब की मजबूत दावेदार हैं।







