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Iran में Internet down history का सबसे बड़ा blackout दुनिया से कटी जनता

Iran में Internet down history का सबसे बड़ा blackout दुनिया से कटी जनता
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 21, 2026 8:06 अपराह्न
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Middle East में बढ़ते तनाव के बीच ईरान इन दिनों एक ऐसे संकट से गुजर रहा है, जिसने आम लोगों की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है। इंटरनेट की आज़ादी पर नज़र रखने वाली संस्था NetBlocks के अनुसार, देश में चल रहा यह इंटरनेट ब्लैकआउट अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रीय स्तर का डिजिटल Shut बन चुका है।

करीब 20 दिनों (20 Days) से अधिक समय से जारी इस ब्लैकआउट (Blackout) ने ईरान को दुनिया से लगभग पूरी तरह काट दिया है। खास बात यह है कि यह स्थिति ऐसे समय में बनी, जब ईरानी नववर्ष ‘नवरोज’ जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से संपर्क नहीं कर सके।

आम जनता पर डिजिटल मार, युद्द का पड़ा असर 

इज़राइल और अमेरिका के साथ चल रहे तनाव और हमलों के बीच सबसे ज्यादा नुकसान आम ईरानी नागरिकों को उठाना पड़ रहा है। इंटरनेट (internet) बंद होने से न केवल संचार बाधित हुआ है, बल्कि व्यवसाय, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन सूचनाओं तक पहुंच भी प्रभावित हुई है। डिजिटल युग में यह किसी देश के लिए लगभग ‘डिजिटल लॉकडाउन’ (Digital Lockdown) जैसा है।

VPN भी बेअसर,बचाव के भी रास्ते बंद

आमतौर पर जब किसी देश में इंटरनेट प्रतिबंध लगाया जाता है, तो लोग Virtual Private Network यानी VPN का सहारा लेते हैं। लेकिन इस बार हालात अलग हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक सामान्य VPN सेवाएं पूरी तरह फेल हो चुकी हैं Usears को Conectvity नहीं मिल रही है। सरकार ने इंटरनेट ट्रैफिक को इस स्तर पर नियंत्रित कर लिया है कि बाहरी नेटवर्क से जुड़ना लगभग असंभव हो गया है| इसका मतलब साफ है कि लोगों के पास डिजिटल दुनिया  तक पहुंचने के लगभग सभी रास्ते बंद हो चुके हैं।

स्टारलिंक पर भी सख्ती, सैकड़ों डिश जब्त

कुछ लोगों ने इंटरनेट एक्सेस के लिए SpaceX की सैटेलाइट सेवा Starlink का सहारा लिया, लेकिन सरकार ने इस पर भी कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक सैकड़ों स्टारलिंक डिश एंटीना जब्त किए जा चुके हैं। इन डिवाइसेज़ को अवैध घोषित किया गया है। उपयोग करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। दरअसल, ईरान में स्टारलिंक को आधिकारिक अनुमति नहीं है, इसलिए ये डिवाइस चोरी-छुपे पड़ोसी देशों के रास्ते लाए जाते हैं।

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Intranet का सहारा, सीमित लोगों को ही पहुंच

Internet बंद होने के बीच सरकार ने एक वैकल्पिक सिस्टम intranet को सक्रिय किया है।  यह एक निजी नेटवर्क होता है जिसमें केवल चुनिंदा लोगों को एक्सेस मिलता है और यह भी सरकार तय करती है कि कौन क्या देख सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 10,000 लोगों को ही एक्सेस दिया गया है। इनमें सरकारी अधिकारी और चुनिंदा मीडिया संस्थान शामिल हैं। जिससे यह साफ है कि आम जनता अब भी पूरी तरह डिजिटल अंधेरे में है।

वैश्विक तुलना, सूडान और म्यांमार से भी गंभीर

सूडान और म्यांमार में भी लंबे इंटरनेट ब्लैकआउट देखे गए थे, लेकिन वे सैन्य तख्तापलट जैसी असाधारण परिस्थितियों में हुए थे। वहीं ईरान का मामला इससे अलग है। यह युद्ध और सुरक्षा कारणों से लागू किया गया है। तकनीकी रूप से अधिक विकसित समाज में ऐसा ब्लैकआउट लंबे समय तक लगातार लागू रहना इसे और गंभीर बनाता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

Alp Toker, जो NetBlocks के निदेशक हैं, का कहना है कि यह ब्लैकआउट दुनिया के सबसे लंबे और प्रभावशाली इंटरनेट शटडाउन में से एक है, खासकर ऐसे समाज में जहां इंटरनेट का उपयोग बहुत व्यापक है।

आम लोगों पर असर,सिर्फ कनेक्शन नहीं, जिंदगी भी ठप

इंटरनेट बंद होने का असर सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। इसके दूरगामी प्रभाव हैं। एकतरफ जहां ऑनलाइन बिजनेस पूरी तरह ठप हुआ है वहीं छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। दूसरी तरफ  डिजिटल पेमेंट सिस्टम बाधित हुआ है और आपातकालीन सेवाओं में देरी और वैश्विक खबरों और सूचनाओं से कटाव हुआ है।

डिजिटल नियंत्रण और आज़ादी

ईरान का यह इंटरनेट ब्लैकआउट एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि क्या सुरक्षा के नाम पर किसी देश को पूरी तरह डिजिटल रूप से बंद किया जा सकता है? जहां एक ओर सरकार इसे सुरक्षा और नियंत्रण का जरिया मान रही है, वहीं दूसरी ओर यह आम लोगों की स्वतंत्रता और अधिकारों पर गहरा असर डाल रहा है। डिजिटल युग में इंटरनेट सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में लंबे समय तक चलने वाला यह ब्लैकआउट न केवल तकनीकी बल्कि सामाजिक और मानवीय संकट भी बन गया है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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