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इजरायल गाजा मे काम कर रहे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की जांच के लिए किया ऐलान जिसमें डॉक्टर्स विदाउट ब्रांड भी शामिल

​इजरायल द्वारा अंतरराष्ट्रीय संगठनों की जांच 
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 31, 2025 1:16 अपराह्न
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इजरायल गाजा मे काम कर रहे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की जांचगाजा में मानवीय सहायता और सुरक्षा संघर्ष-इजरायल और गाजा के बीच जारी संघर्ष में अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों NGOs की भूमिका और उन पर लगे आरोपों ने वैश्विक स्तर पर बहस छेड़ दी है।

​इजरायल द्वारा अंतरराष्ट्रीय संगठनों की जांच 

​गाजा पट्टी में चल रहे सैन्य अभियान के बीच इजरायल सरकार ने वहां सक्रिय कई अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों के खिलाफ जांच और कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है। इन संगठनों में डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स MSF UNRWA फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी और अन्य प्रमुख समूह शामिल हैं। इजरायल का दावा है कि इन संगठनों के कुछ तत्वों का इस्तेमाल हमास द्वारा अपनी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है जबकि ये संगठन इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे मानवीय सहायता रोकने की कोशिश बता रहे हैं।

​जांच के केंद्र में कौन से संगठन हैं

​इजरायल की रडार पर मुख्य रूप से निम्नलिखित संगठन हैं- 

​डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स Médecins Sans Frontières(MSF) -यह संगठन गाजा के अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता है। इजरायल ने आरोप लगाया है कि इसके कुछ स्थानीय कर्मचारी हमास के साथ जुड़े हो सकते हैं।

UNRWA -संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी पर सबसे गंभीर आरोप लगे हैं। इजरायल का दावा है कि इसके सैकड़ों कर्मचारी हमास के सदस्य हैं और कुछ ने 7 अक्टूबर के हमलों में सीधे भाग लिया था।

​वर्ल्ड सेंट्रल किचन WCK-हालांकि इस पर सीधे आतंकवादी संबंधों का आरोप कम है लेकिन इसकी कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रोटोकॉल जांच के दायरे में रहे हैं।

​विभिन्न स्थानीय NGO

गाजा में संचालित छोटे और मध्यम स्तर के संगठन जो अंतरराष्ट्रीय फंड से चलते हैं।

​जांच क्यों और किस कारण से शुरू की गई

​इजरायल ने इन संगठनों के खिलाफ जांच शुरू करने के पीछे कई खुफिया और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है|

  • हमास के साथ कथित मिलीभगत-​इजरायली रक्षा बलों IDFका दावा है कि हमास ने गाजा के नागरिक बुनियादी ढांचे में घुसपैठ की है। इजरायल के अनुसार अंतरराष्ट्रीय संगठनों के स्थानीय कर्मचारी अक्सर हमास के सदस्य या समर्थक होते हैं जो संगठन के संसाधनों जैसे ईंधन चिकित्सा उपकरण और वाहन का उपयोग हमास की सैन्य गतिविधियों के लिए करते हैं।
  • ​अस्पतालों और एम्बुलेंस का दुरुपयो-इजरायल ने कई वीडियो और दस्तावेज पेश किए हैं जिनमें दावा किया गया है कि अस्पतालों जहां MSF जैसे संगठन काम करते हैं के नीचे सुरंगें बनाई गई हैं। इजरायल का आरोप है कि संगठनों ने या तो इसे अनदेखा किया या वे इसमें शामिल थे।
  • ​ रसद और सामग्री का डायवर्जन-गाजा में आने वाली मानवीय सहायता भोजन  ईंधन दवाएं  पर नियंत्रण को लेकर इजरायल को संदेह है। आरोप है कि यह सहायता आम नागरिकों तक पहुँचने से पहले हमास द्वारा जब्त कर ली जाती है और सहायता संगठन इसे रोकने में विफल रहे हैं।
  •  शिक्षा और विचारधारा-​विशेष रूप से UNRWA के स्कूलों में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम पर इजरायल ने आपत्ति जताई है| जिसमें कथित तौर पर इजरायल के प्रति नफरत और उग्रवाद को बढ़ावा दिया जाता है।

संगठनों का पक्ष-  क्या वे वास्तव में दोषी हैं

​अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इजरायल के इन आरोपों का कड़ा विरोध किया है। उनके तर्क इस प्रकार हैं-

  • तटस्थता का सिद्धांत-MSF और UN जैसे संगठन मानवीय तटस्थता के सिद्धांत पर काम करते हैं। उनका कहना है कि वे केवल घायलों और भूखों की सेवा कर रहे हैं न कि किसी राजनीतिक एजेंडे की।
  • साक्ष्यों का अभाव-संगठनों का कहना है कि इजरायल ने अक्सर सामान्य आरोपों के अलावा ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं जो पूरे संगठन को कटघरे में खड़ा कर सकें।
  • ​सुरक्षा का खतरा -संगठनों का तर्क है कि जांच के नाम पर इजरायल मानवीय सहायता के रास्ते में बाधाएं पैदा कर रहा है जिससे गाजा में अकाल और स्वास्थ्य संकट गहरा गया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और प्रभाव

​इस जांच के फैसले का वैश्विक स्तर पर व्यापक प्रभाव पड़ा है|

  • ​फंडिंग में कटौती-इजरायल के आरोपों के बाद अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे कई देशों ने अस्थायी रूप से UNRWA की फंडिंग रोक दी थी हालांकि बाद में कई देशों ने इसे बहाल कर दिया।
  • ​मानवीय संकट-जांच और प्रतिबंधों के कारण गाजा में सहायता का प्रवाह धीमा हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने चेतावनी दी है कि चिकित्सा संगठनों पर कार्रवाई से हजारों लोगों की जान जा सकती है।
  • ​राजनयिक तनाव

इजरायल और संयुक्त राष्ट्र के बीच संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर हैं। इजरायल ने UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की भी आलोचना की है।

​संघर्ष का भविष्य 

​इजरायल द्वारा की जा रही यह जांच एक बड़े संघर्ष का हिस्सा है। जहाँ एक ओर इजरायल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और हमास की कमर तोड़ने के लिए इन संगठनों की सफाई जरूरी मानता है वहीं दूसरी ओर दुनिया इसे गाजा के नागरिकों की जीवन रेखा को काटने के रूप में देख रही है।​

किसी भी युद्ध क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भूमिका पारदर्शी होनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति ने मानवीय आड़ में आतंकवाद का साथ दिया है तो उसकी जांच आवश्यक है। हालांकि यह सुनिश्चित करना भी अनिवार्य है कि जांच की प्रक्रिया में उन निर्दोष लाखों लोगों को सजा न मिले जिन्हें भोजन और चिकित्सा की सख्त जरूरत है।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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