अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच एक बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अपना लिया है। मार्च 2026 के ताजा घटनाक्रमों के अनुसार राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति या वैश्विक सुरक्षा में बाधा डालने की कोशिश की तो उस पर ’20 गुना’ अधिक ताकत से हमला किया जाएगा।
US-ईरान युद्ध 2026 – ट्रम्प का ‘मृत्यु, अग्नि और रोष’ (Death, Fire, and Fury) का आह्वान
मुख्य घोषणा और ’20 गुना’ हमले की चेतावनी
9 मार्च 2026 को फ्लोरिडा के मियामी से जारी एक बयान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को अंतिम चेतावनी दी। उन्होंने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा कि अमेरिका अब तक 5000 से अधिक ईरानी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट कर चुका है।
ट्रम्प का “20 गुना” (20 Times) वाला फॉर्मूला विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने दुनिया की 20% तेल आपूर्ति को रोकने का प्रयास किया तो अमेरिका ऐसी सैन्य शक्ति का उपयोग करेगा जो इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गई। ट्रम्प के शब्दों में, “हम उन ठिकानों को निशाना बनाएंगे जिनसे ईरान का एक राष्ट्र के रूप में पुनरुद्धार असंभव हो जाएगा।”
’ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) – अब तक की कार्रवाई
फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुए इस सैन्य अभियान को अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया है। राष्ट्रपति के अनुसार अमेरिकी और इजरायली सेना ने मिलकर ईरान की सैन्य क्षमता को लगभग पंगु बना दिया है:
- 5000+ ठिकाने – अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान के मिसाइल लॉन्च पैड, ड्रोन निर्माण इकाइयाँ और रडार सिस्टम को ध्वस्त कर दिया है।
- नौसेना का विनाश – ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की नौसेना अब अस्तित्व में नहीं है और उसके लगभग 46 जहाज समुद्र की गहराई में समा चुके हैं।
- परमाणु क्षमता पर प्रहार – इससे पहले ‘मिडनाइट हैमर’ (Midnight Hammer) नामक गुप्त ऑपरेशन के जरिए ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को करारा झटका देने का दावा किया गया था।
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ईरान में सत्ता परिवर्तन और नेतृत्व का संकट
इस जंग का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब फरवरी 2026 में अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु की खबरें आईं। इसके बाद ईरान ने उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया है।
- ट्रम्प का रुख – राष्ट्रपति ट्रम्प ने मोज्तबा खामेनेई को “लाइटवेट” (हल्का नेता) बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि उनका नेतृत्व लंबे समय तक नहीं टिकेगा।
- अमेरिकी लक्ष्य – व्हाइट हाउस का स्पष्ट संकेत है कि वे ईरान में पूर्ण शासन परिवर्तन (Regime Change) चाहते हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की राजनीति
इस युद्ध ने वैश्विक बाजारों में हड़कंप मचा दिया है
- कच्चे तेल की कीमतें – ब्रेंट क्रूड की कीमतें $90 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। हालांकि ट्रम्प ने दावा किया है कि वे वेनेजुएला और अन्य स्रोतों से तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं ताकि कीमतें नियंत्रण में रहें।
- सप्लाई चेन – लाल सागर और होर्मुज की खाड़ी में तनाव के कारण वैश्विक व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं। भारत जैसे देशों ने अपने हजारों नागरिकों को युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला है।
भावी रणनीति – “कुछ बड़े ठिकाने बाकी हैं”
ट्रम्प ने रहस्यमयी अंदाज में कहा कि उन्होंने “सबसे महत्वपूर्ण ठिकानों” को बाद के लिए बचा कर रखा है। इनमें ईरान के बिजली उत्पादन केंद्र और प्रमुख बुनियादी ढाँचे शामिल हो सकते हैं। ट्रम्प का मानना है कि यह एक “छोटी यात्रा” (Short-term excursion) है जो जल्द ही ईरान के पूर्ण आत्मसमर्पण या पतन के साथ समाप्त होगी।
डोनाल्ड ट्रम्प की यह नीति “मैक्सिमम प्रेशर 2.0” (Maximum Pressure 2.0) का सैन्य संस्करण है। जहां एक तरफ वे युद्ध को जल्द समाप्त करने की बात कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ ’20 गुना’ ताकत के इस्तेमाल की धमकी देकर वे ईरान को बातचीत की मेज पर झुकने या पूरी तरह खत्म होने के लिए मजबूर कर रहे हैं।







