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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप – ग्रीनलैंड राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण चाहते हैं हासिल करना 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - ग्रीनलैंड राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण चाहते हैं हासिल करना 
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 7, 2026 6:55 अपराह्न
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा कोई नई बात नहीं है लेकिन 2025-26 के हालिया घटनाक्रमों और वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद इस मुद्दे ने वैश्विक राजनीति में एक नया मोड़ ले लिया है। ट्रंप इसे केवल रियल एस्टेट डील नहीं बल्कि अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता मानते हैं।

 ट्रंप ग्रीनलैंड को क्यों हासिल करना चाहते हैं

राष्ट्रपति ट्रंप का तर्क है कि ग्रीनलैंड भौगोलिक रूप से उत्तरी अमेरिका का हिस्सा है और इसकी सुरक्षा सीधे तौर पर अमेरिका की सुरक्षा से जुड़ी है। उनके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं

  • आर्कटिक में रूस और चीन की घेराबंदी

ट्रंप का कहना है कि ग्रीनलैंड के आसपास रूसी और चीनी जहाजों की आवाजाही बढ़ गई है। रूस आर्कटिक में अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहा है जबकि चीन खुद को Near-Arctic State घोषित कर चुका है।

  •  मिसाइल डिफेंस हब

 ग्रीनलैंड में अमेरिका का पिटुफ़िक स्पेस बेस Pituffik Space Base जिसे पहले थुले एयर बेस कहा जाता था स्थित है। यह बेस अमेरिका की मिसाइल चेतावनी प्रणाली Missile Warning System का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  •  संसाधनों का भंडार

 ग्रीनलैंड में दुर्लभ पृथ्वी तत्व Rare Earth Elements के विशाल भंडार हैं। वर्तमान में इन पर चीन का एकाधिकार है। अमेरिका इन संसाधनों पर नियंत्रण पाकर अपनी रक्षा तकनीक और बैटरी उद्योग के लिए चीन पर निर्भरता खत्म करना चाहता है।

  •  नए समुद्री मार्ग

जलवायु परिवर्तन के कारण बर्फ पिघल रही है जिससे नॉर्थवेस्ट पैसेज जैसे नए व्यापारिक मार्ग खुल रहे हैं। ट्रंप चाहते हैं कि इन मार्गों पर अमेरिका का नियंत्रण हो।

क्या फायदा होगा ग्रीनलैंड से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को 

ग्रीनलैंड का नियंत्रण अमेरिका को एक अजेय किला प्रदान करेगा-

  •  GIUK गैप पर नियंत्रण

ग्रीनलैंड आइसलैंड और यूनाइटेड किंगडम GIUK के बीच का समुद्री मार्ग रूसी पनडुब्बियों के लिए अटलांटिक महासागर में प्रवेश का एकमात्र रास्ता है। ग्रीनलैंड पर कब्जा होने से अमेरिका रूसी नौसेना को पूरी तरह रोक पाएगा।

  • अर्ली वार्निंग सिस्टम

यहाँ स्थित रडार सिस्टम रूस से आने वाली किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल का पता लगाने में सक्षम हैं। इसे हासिल करने से अमेरिका अपनी सुरक्षा लेयर को और मजबूत कर सकेगा।

  •  सामरिक गहराई (Strategic Depth)

अमेरिका का मानना है कि यदि वह ग्रीनलैंड को नियंत्रित नहीं करता तो भविष्य में चीन यहाँ निवेश करके अपने सैन्य ठिकाने बना सकता है जो अमेरिका के लिए सीधा खतरा होगा।

इससे पहले कहाँ कब्जा किया है अमेरिका ने

अमेरिका का विस्तार केवल खरीद और युद्धों के माध्यम से हुआ है। यहाँ कुछ प्रमुख उदाहरण हैं-

वर्षक्षेत्रकैसे हासिल किया 
1803लुइसियानाफ्रांस से 15 मिलियन डॉलर में खरीदा।
1867 अलास्का रूस से 7.2 मिलियन डॉलर में खरीदा इसे भी उस समय बेवकूफी कहा गया था।
1898 प्यूर्टो रिको /गुआमस्पेन के साथ युद्ध के बाद कब्जा किया। 
1898 हवाई स्वतंत्र गणराज्य का विलय किया।
1917 वर्जिन आइलैंड्स डेनमार्क से ही 25 मिलियन डॉलर में खरीदा था। 
2026वेनेजुएला हाल ही में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका ने वहां सैन्य दखल दिया है। 

कौन कर रहा है इसका विरोध 

ट्रंप की इस योजना का दुनिया भर में और खुद अमेरिका के भीतर भी कड़ा विरोध हो रहा है

  • डेनमार्क

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने इसे बेतुका Absurd बताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है।

  • ग्रीनलैंड की सरकार

ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री मुटे बोरुप एगेडे ने कहा हम ग्रीनलैंडवासी हैं हम अमेरिकी नहीं बनना चाहते।

  • यूरोपीय संघ EU

जर्मनी फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।

  • अमेरिकी विपक्ष

डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सीनेटरों ने इसे एक तानाशाही सोच करार दिया है और इसके लिए फंड रोकने की बात कही है।

किस राष्ट्रपति नेता ने कहा कि नाटो NATO टूट जाएगा

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने हाल ही में जनवरी 2026 में चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका जबरन ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश करता है तो यह नाटो सैन्य गठबंधन का अंत होगा। उन्होंने कहा कि एक सहयोगी देश द्वारा दूसरे सहयोगी देश की जमीन पर कब्जा करना नाटो के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है। फिनलैंड और अन्य यूरोपीय नेताओं ने भी इस बयान का समर्थन किया है।

ग्रीनलैंड देश की संपूर्ण जानकारी

ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है जो भौगोलिक रूप से उत्तरी अमेरिका का हिस्सा है लेकिन राजनीतिक रूप से यूरोप डेनमार्क से जुड़ा है।

  • नाम – ग्रीनलैंड 
  • स्थानीय नाम – कलाल्लिट नुनात – Kalaallit Nunaat
  • स्थिति – यह उत्तर अटलांटिक और आर्कटिक महासागर के बीच स्थित है।
  • क्षेत्रफल –  लगभग 21.6 लाख वर्ग किलोमीटर इसका 80% हिस्सा हमेशा बर्फ से ढका रहता है।
  • राजधानी – नूक Nuuk
  • जनसंख्या – लगभग 56,000 यह दुनिया का सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला क्षेत्र है।
  • लोग – यहाँ के 90% लोग इनुइट Inuit जनजाति के हैं।
  • भाषा – ग्रीनलैंडिक आधिकारिक और डेनिश।
  • अर्थव्यवस्था –  मुख्य रूप से मछली पकड़ने Fishing और डेनमार्क से मिलने वाली वार्षिक सब्सिडी पर आधारित है। अब यहाँ खनन Mining की संभावनाओं पर काम हो रहा है।
  • राजनीतिक स्थिति – यह डेनमार्क के अधीन एक स्वायत्त क्षेत्र है। इसकी अपनी संसद और प्रधानमंत्री हैं लेकिन रक्षा और विदेश नीति डेनमार्क देखता है।

ट्रंप की ग्रीनलैंड को हासिल करने की जिद केवल जमीन का टुकड़ा पाने की नहीं बल्कि आने वाले आर्कटिक शीत युद्ध में अमेरिका को सर्वोच्च शक्ति बनाने की है। हालांकि डेनमार्क और ग्रीनलैंड के कड़े रुख ने इसे 21वीं सदी के सबसे बड़े कूटनीतिक विवादों में से एक बना दिया है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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