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ट्रंप ने कनाडा पर किया प्रहार चीन के साथ ट्रेड डील की तो लगेगा 100 % टैरिफ

ट्रंप ने कनाडा पर किया प्रहार चीन के साथ ट्रेड डील की तो लगेगा 100 % टैरिफ
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 25, 2026 11:55 पूर्वाह्न
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा पर 100% टैरिफ लगाने की चेतावनी ने वैश्विक व्यापार और राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला दिया है। यह मामला केवल दो देशों के बीच का व्यापारिक विवाद नहीं है, बल्कि यह चीन, अमेरिका और कनाडा के बीच के जटिल त्रिकोणीय संबंधों, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता की लड़ाई है।

ट्रंप की 100% टैरिफ की चेतावनी

जनवरी 2026 में, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ के माध्यम से कनाडा को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि कनाडा ने चीन के साथ अपनी प्रस्तावित ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया, तो अमेरिका कनाडा से आने वाले हर सामान पर 100% टैरिफ (आयात शुल्क) लगा देगा।

ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) को “गवर्नर कार्नी” कहकर संबोधित किया और आरोप लगाया कि कनाडा अमेरिका में चीनी सामान भेजने के लिए एक “ड्रॉप-ऑफ पोर्ट” (ट्रांजिट हब) बनने की कोशिश कर रहा है।

क्या है कनाडा-चीन ट्रेड डील 

कनाडा ने हाल ही में चीन के साथ व्यापारिक रिश्तों को सामान्य करने के लिए एक समझौता किया है। इस डील के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • इलेक्ट्रिक वाहन (EV) –  कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाए गए 100% टैरिफ को हटाकर इसे मात्र 6.1% करने का फैसला किया। इसके तहत हर साल लगभग 49,000 चीनी EV कनाडा के बाजार में आ सकेंगे।
  • कृषि उत्पाद – इसके बदले में चीन ने कनाडा के कृषि उत्पादों जैसे कनोला (Canola), लोबस्टर, केकड़ा और मटर पर से व्यापारिक प्रतिबंध और टैरिफ हटाने पर सहमति जताई है।
  • वीजा रियायत – चीन ने कनाडाई नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा भी देने की बात कही है।

क्यों दी ट्रंप ने 100% टैरिफ की धमकी 

ट्रंप की इस आक्रामक प्रतिक्रिया के पीछे कई रणनीतिक और आर्थिक कारण हैं:

  • चीन के लिए पिछला दरवाजा (Backdoor Entry) –  ट्रंप का मानना है कि यदि कनाडा चीनी सामान (विशेषकर EV) पर टैरिफ कम करता है, तो चीन कनाडा के रास्ते इन सामानों को अमेरिकी बाजार में डंप कर देगा। चूंकि अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक सीमाएं काफी खुली हुई हैं (USMCA समझौता), इसलिए अमेरिका को डर है कि चीन इसका फायदा उठाएगा।
  • आर्थिक राष्ट्रवाद (America First) – ट्रंप ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत अमेरिकी विनिर्माण (Manufacturing) को बचाना चाहते हैं। सस्ते चीनी सामान आने से अमेरिकी फैक्ट्रियां बंद हो सकती हैं।
  • राजनीतिक तनाव – कनाडा के पीएम मार्क कार्नी और ट्रंप के बीच हाल ही में ‘दावोस’ (WEF) में जुबानी जंग हुई थी। कार्नी ने ट्रंप की नीतियों को “अधिनायकवादी” बताया था, जिससे ट्रंप नाराज थे।
  • ग्रीनलैंड विवाद –  ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड खरीदने के प्रस्ताव और वहां “गोल्डन डोम” मिसाइल डिफेंस सिस्टम लगाने की योजना का कनाडा ने विरोध किया है, जो इस तनाव का एक बड़ा कारण है।

अमेरिका को क्या नुकसान हो सकता है इस डील से 

यदि कनाडा और चीन की डील सफल होती है, तो अमेरिका को निम्नलिखित नुकसानों का डर है-

  • ऑटो सेक्टर की तबाही –  अमेरिका ने अपने ऑटो उद्योग को बचाने के लिए चीनी EV पर भारी टैरिफ लगाए हैं। अगर ये गाड़ियाँ कनाडा के रास्ते अमेरिका पहुँचती हैं, तो टेस्ला, फोर्ड और जीएम जैसी कंपनियों को भारी नुकसान होगा।
  • सुरक्षा जोखिम –  ट्रंप प्रशासन का दावा है कि चीनी इलेक्ट्रिक वाहन और तकनीक “सॉफ्टवेयर जासूसी” का जरिया बन सकते हैं, जिससे अमेरिकी डेटा असुरक्षित हो सकता है।
  • व्यापार घाटा – अमेरिका का व्यापार घाटा बढ़ सकता है और उत्तरी अमेरिका के भीतर होने वाला व्यापार संतुलन बिगड़ सकता है।

 क्या नुकसान होगा कनाडा को 

अगर ट्रंप 100% टैरिफ लगा देते हैं, तो कनाडा के लिए यह एक आर्थिक आपदा जैसा होगा-

  • निर्यात का ठप होना –  कनाडा का लगभग 75% निर्यात अमेरिका को जाता है। 100% टैरिफ का मतलब है कि कनाडा का तेल, ऑटो पार्ट्स, एल्युमीनियम और स्टील अमेरिकी बाजार में दोगुने दाम पर बिकेंगे, जिससे उनका बिकना नामुमकिन हो जाएगा।
  • बेरोजगारी –  कनाडा के विनिर्माण क्षेत्र (विशेषकर ओंटारियो और क्यूबेक में) में लाखों नौकरियां जा सकती हैं।
  • जीडीपी में गिरावट –  अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि ऐसे टैरिफ से कनाडा की जीडीपी में 1.5% से 2% तक की भारी गिरावट आ सकती है और देश मंदी की चपेट में आ सकता है।

क्या फायदा होगा  अमेरिका को 

ट्रंप के नजरिए से इस कदम के कुछ संभावित लाभ हो सकते हैं 

  • सप्लाई चेन पर नियंत्रण –  अमेरिका पूरी दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि उत्तरी अमेरिका की सप्लाई चेन में चीन का कोई दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  • घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन –  आयात महंगा होने से अमेरिकी नागरिकों को मजबूरन स्वदेशी सामान खरीदना पड़ेगा, जिससे स्थानीय रोजगार बढ़ सकता है।
  • चीन पर दबाव –  यह चीन को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की ट्रंप की बड़ी योजना का हिस्सा है।

यह विवाद केवल व्यापार का नहीं, बल्कि वर्चस्व का है। जहाँ कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था को विविधता देने के लिए चीन की ओर हाथ बढ़ा रहा है, वहीं अमेरिका इसे अपने प्रभाव क्षेत्र में घुसपैठ मान रहा है।

  • सप्लाई चेन पर नियंत्रण –  अमेरिका पूरी दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि उत्तरी अमेरिका की सप्लाई चेन में चीन का कोई दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  • घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन –  आयात महंगा होने से अमेरिकी नागरिकों को मजबूरन स्वदेशी सामान खरीदना पड़ेगा, जिससे स्थानीय रोजगार बढ़ सकता है।
  • चीन पर दबाव –  यह चीन को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की ट्रंप की बड़ी योजना का हिस्सा है।
  • यह विवाद केवल व्यापार का नहीं, बल्कि वर्चस्व का है। जहाँ कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था को विविधता देने के लिए चीन की ओर हाथ बढ़ा रहा है, वहीं अमेरिका इसे अपने प्रभाव क्षेत्र में घुसपैठ मान रहा है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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