भारतीय महिला फुटबॉल टीम के लिए एएफसी (AFC) एशियन कप का यह संस्करण उतार-चढ़ाव भरा रहा। अंतिम ग्रुप मैच में भारत का सामना चीनी ताइपे से था। यह मैच न केवल टूर्नामेंट में बने रहने के लिए जरूरी था, बल्कि भारतीय फुटबॉल प्रेमियों की उम्मीदों का केंद्र भी था।
मैच की शुरुआत में भारत ने रक्षात्मक और आक्रामक खेल का अच्छा संतुलन बनाया लेकिन खेल के आगे बढ़ने के साथ चीनी ताइपे ने अपनी रणनीतिक बढ़त बना ली। अंततः, भारत को 1-3 से हार का सामना करना पड़ा जिसने भारत के नॉकआउट दौर में पहुँचने के सपनों को तोड़ दिया।
आखिरी ग्रुप मैच की जानकारी
भारत का आखिरी ग्रुप मैच चीनी ताइपे के खिलाफ 10 मार्च 2026 को सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में खेला गया।
- परिणाम – भारत 1-3 से यह मैच हार गया।
- मैच का हाल – भारत को क्वार्टर फाइनल की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए यह मैच कम से कम 2 गोल के अंतर से जीतना जरूरी था।
- मैच के 12वें मिनट में ही चीनी ताइपे ने बढ़त बना ली थी।
- भारत की ओर से स्टार खिलाड़ी मनीषा कल्याण ने 39वें मिनट में 30 गज की दूरी से एक शानदार गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया था।
- लेकिन दूसरे हाफ में चीनी ताइपे ने दो और गोल (एक पेनल्टी के जरिए) करके भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
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भारतीय टीम का ग्रुप (Group C)
भारत को ग्रुप C में रखा गया था, जिसे इस टूर्नामेंट का सबसे कठिन ग्रुप माना जा रहा था। इस ग्रुप में निम्नलिखित टीमें शामिल थीं:
- जापान (Japan)
- चीनी ताइपे (Chinese Taipei)
- वियतनाम (Vietnam)
- भारत (India)

टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन (सभी मैच)
| मैच | विपक्षी टीम | परिणाम | स्कोर |
| पहला मैच | वियतनाम | हार | 1-2 |
| दूसरा मैच | जापान | हार | 0-11 |
| तीसरा मैच | चीनी ताइपे | हार | 1-3 |
मुख्य कारण – भारत ने मैचों के दौरान कई मौके बनाए, लेकिन फिनिशिंग (गोल करने) में कमी और डिफेंसिव गलतियों के कारण टीम को हार झेलनी पड़ी। जापान के खिलाफ 0-11 की बड़ी हार ने भारत के गोल अंतर (Goal Difference) को भी काफी खराब कर दिया था।
खिलाड़ियों की चोट और अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति
इस मैच का सबसे दुखद पहलू स्कोरबोर्ड नहीं बल्कि भारतीय खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति रही।
- कप्तान स्वीटी देवी – रक्षा पंक्ति (Defense) की जान कही जाने वाली स्वीटी देवी मैच के दौरान एक गंभीर टक्कर का शिकार हुईं। उन्हें मैदान पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत एम्बुलेंस के जरिए पास के अस्पताल ले जाया गया।
- गोलकीपर पंथोई चानू – भारत की ‘दीवार’ कही जाने वाली पंथोई चानू भी विपक्षी स्ट्राइकर के साथ एक ‘वन-ऑन-वन’ मुकाबले के दौरान चोटिल हो गईं। उनके सिर और गर्दन में चोट की आशंका के कारण उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस और मेडिकल अपडेट – स्थानीय पुलिस और टूर्नामेंट के सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों को ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के जरिए अस्पताल पहुँचाया गया। डॉक्टरों की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक दोनों की हालत स्थिर है लेकिन उन्हें 24-48 घंटों के लिए निगरानी में रखा गया है।
मैच का तकनीकी विश्लेषण (Tactical Breakdown)
| पहलू | विवरण |
| मैच का स्कोर | भारत 1 – 3 चीनी ताइपे |
| भारत का गोल | मैच के 35वें मिनट में (शानदार फील्ड गोल) |
| चीनी ताइपे की रणनीति | काउंटर-अटैकिंग और विंग्स का इस्तेमाल |
| मुख्य समस्या | मुख्य खिलाड़ियों के चोटिल होने से टीम का संतुलन बिगड़ा |
भारतीय महिला फुटबॉल के लिए आगे की राह
इस हार के बावजूद, भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में जो जज्बा दिखाया, वह काबिले तारीफ है। चीनी ताइपे जैसी अनुभवी टीम के खिलाफ एक गोल दागना और अंत तक लड़ना यह दर्शाता है कि भारतीय फुटबॉल का स्तर बढ़ रहा है।
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भविष्य के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम
- खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी – चोटों से बचने के लिए खिलाड़ियों के स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
- मानसिक मजबूती – बड़े टूर्नामेंट्स के दबाव को झेलने के लिए स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट की भूमिका अहम होगी।
- ग्रासरूट विकास – अधिक से अधिक घरेलू मैचों का आयोजन ताकि बैकअप खिलाड़ियों की एक मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार हो सके।
भारत भले ही टूर्नामेंट से बाहर हो गया हो लेकिन स्वीटी देवी और पंथोई चानू जैसे खिलाड़ियों का समर्पण यह बताता है कि वे देश के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। पूरा देश उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।







