भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार 14 जून 2026 को पूरे भारत में मौसम के कई रंग देखने को मिलेंगे। देश के एक हिस्से में जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) अपनी पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है वहीं दूसरी ओर मध्य और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में उमस भरी गर्मी और लू (Heat Wave) का असर बना रहेगा। इसके अलावा उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
दक्षिण और प्रायद्वीपीय भारत- मानसून की सक्रियता
दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत के दक्षिणी प्रायद्वीप में पूरी तरह सक्रिय है। आईएमडी के अनुसार 14 जून को केरल, तटीय कर्नाटक और कोंकण व गोवा के अधिकांश हिस्सों में व्यापक से बहुत व्यापक बारिश (Widespread Rainfall) होने की संभावना है।
- भारी वर्षा की चेतावनी- केरल और तटीय कर्नाटक के कुछ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा (7 से 20 सेमी) का अनुमान है।
- तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश- तमिलनाडु, पुडुचेरी और तटीय आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश जारी रहेगी। अंदरूनी कर्नाटक और रायलसीमा में भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और शाम के समय तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत- मूसलाधार बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी राज्यों में मानसून की रेखा तेजी से आगे बढ़ रही है जिसके कारण इन क्षेत्रों में मौसम काफी गीला रहने वाला है।
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम- इन क्षेत्रों में आईएमडी ने 14 जून के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। तीस्ता और अन्य पहाड़ी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
- पूर्वोत्तर राज्य- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में घने बादलों के साथ मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslides) का खतरा भी बना रहेगा।
- बिहार, झारखंड और ओडिशा- बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में मानसून के प्रवेश के साथ ही बिखरी हुई वर्षा (Scattered Rain) होगी। ओडिशा के तटीय इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं जिसके लिए विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
उत्तर और उत्तर-पश्चिमी भारत – धूल भरी आंधियां और गरज-चमक
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में हाल ही में आए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर थोड़ा कम जरूर हुआ है लेकिन वायुमंडल में मौजूद नमी के कारण मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
- दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा- दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में 14 जून को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज धूल भरी आंधियां (Gusty Winds) चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। इससे तापमान में बहुत बड़ी बढ़ोतरी नहीं होगी लेकिन उमस (Humidity) परेशान कर सकती है।
- राजस्थान- पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में दोपहर या शाम के समय अचानक मौसम बदल सकता है। रेतीली आंधी के साथ धूल भरी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड- पहाड़ी राज्यों में 14 जून को छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है जिससे पर्यटन स्थलों पर मौसम सुहावना बना रहेगा।
मध्य और पश्चिमी भारत – उमस भरी गर्मी और लू का प्रकोप
मध्य भारत के कुछ हिस्सों में अभी मानसून का पूरी तरह से आगमन नहीं हुआ है जिसके कारण यहां के निवासियों को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़- पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में 14 जून को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि दिन के समय उमस का स्तर काफी ऊंचा रहेगा।
- विदर्भ और मारठवाड़ा- महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में कुछ स्थानों पर लू (Heat Wave) जैसी स्थितियां बनी रह सकती हैं। तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। गुजरात और सौरराष्ट्र-कच्छ के इलाकों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और बेहद गर्म रहेगा।
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14 जून 2026 के लिए विशेष सुझाव और सावधानियां
मौसम विभाग के इस मिले-जुले पूर्वानुमान को देखते हुए नागरिकों को अपनी दैनिक गतिविधियों की योजना बनाने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है-
- भारी बारिश वाले क्षेत्रों के लिए (केरल, कर्नाटक, पूर्वोत्तर भारत)- जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें। निचले इलाकों में रहने वाले लोग स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय भूस्खलन के प्रति सतर्क रहें और नदी-नालों के करीब न जाएं।
- आंधी और बिजली गिरने वाले क्षेत्रों के लिए (उत्तर भारत, बिहार, ओडिशा)- जब गरज-चमक के साथ आंधी चल रही हो तो खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्लग से निकाल दें। यात्रा के दौरान वाहनों को सुरक्षित स्थान पर रोकें।
- गर्मी और लू वाले क्षेत्रों के लिए (विदर्भ, गुजरात, मध्य प्रदेश)- दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। नींबू पानी, छाछ और ओआरएस (ORS) का घोल पीते रहें।
- किसानों के लिए सलाह- जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी है वहां कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और खेतों में जल निकासी (Drainage) की व्यवस्था दुरुस्त करें। उत्तर भारत के किसान आंधी को देखते हुए कीटनाशकों के छिड़काव और सिंचाई को कुछ समय के लिए टाल सकते हैं।
अस्वीकरण – यह मौसम विवरण भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक पूर्वानुमान डेटा और बुलेटिनों पर आधारित है। मौसम की प्रकृति परिवर्तनशील होती है इसलिए किसी भी तात्कालिक यात्रा या कृषि संबंधी निर्णय से पहले अपने स्थानीय मौसम केंद्र की ‘नाउकास्ट’ (Nowcast) चेतावनियों की जांच अवश्य कर लें।







