मेरठ में बीए की छात्रा ललिता गौतम की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और वायरल वीडियो को लेकर विवाद गहरा गया है। पुलिस वैन में बंद एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे शहर का माहौल बिगाड़ने की सुनियोजित साजिश बताया है।
उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई थी और मामले में कई लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए गए हैं।
SSP ने वायरल वीडियो पर दी सफाई
दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या के विरोध में विभिन्न संगठनों के प्रदर्शनकारियों ने मेरठ कलेक्ट्रेट का घेराव कर सड़क जाम कर दी थी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
इसी दौरान पुलिस वैन में बंद एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
2015 बैच के आईपीएस अधिकारी और मेरठ के SSP अविनाश पांडेय ने बताया कि हिरासत में लिया गया नोएडा का वकील रवि गौतम पुलिस वैन के भीतर फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर रहा था। इसकी सूचना मिलने पर वह तत्काल मौके पर पहुंचे और उसे रोकने के लिए बल प्रयोग किया।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क किसी के पिताजी की नहीं है और विरोध दर्ज कराने का यह तरीका उचित नहीं है।
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प्रदर्शन को बताया सुनियोजित साजिश
SSP ने लगाए गंभीर आरोप
एसएसपी अविनाश पांडेय के अनुसार, प्रदर्शन का उद्देश्य केवल न्याय की मांग नहीं था, बल्कि शहर का माहौल खराब करने की साजिश भी इसका हिस्सा थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय किसान यूनियन (अंबेडकर गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह भाटी ने इस पूरे घटनाक्रम की योजना बनाई थी। पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ पहले से नौ मुकदमे दर्ज हैं।
रवि गौतम पर भी लगाए आरोप
एसएसपी ने कहा कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले रवि गौतम ने पीड़ित परिवार को शस्त्र लाइसेंस दिलाने का प्रलोभन देकर उन्हें प्रदर्शन के लिए उकसाया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि धरने में शामिल कई ग्रामीणों को यह तक जानकारी नहीं थी कि प्रदर्शन किस कारण किया जा रहा है।
पुलिस का दावा: पहले कार्रवाई से संतुष्ट था परिवार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब स्थानीय पुलिस पीड़ित परिवार के घर पहुंची थी, तब परिवार पुलिस की कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट था।
अधिकारियों का कहना है कि बाद में परिवार को उकसाया गया। अब पुलिस उन लोगों की पहचान और जांच में जुटी है, जिन पर मेरठ की शांति व्यवस्था प्रभावित करने का संदेह है।
8 आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए
इस मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने गुरुवार को आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इसके अलावा, 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि जिले का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर फैलाए जा रहे कंटेंट की भी साइबर विशेषज्ञ निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Conclusion
मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस कार्रवाई और वायरल वीडियो को लेकर विवाद जारी है। SSP अविनाश पांडेय ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए पूरे घटनाक्रम को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश बताया है। वहीं, पुलिस ने रवि गौतम समेत आठ लोगों को जेल भेजने के साथ अन्य आरोपियों की पहचान और जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।







