अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय जांच टीमों के एक बड़े साझा ऑपरेशन में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी इवांका ट्रम्प की हत्या की एक बेहद खतरनाक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। ईरान समर्थित चरमपंथी नेटवर्क और ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) से जुड़े एक खूंखार इराकी आतंकवादी को इस सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया है। इस खुलासे ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है और अमेरिकी खुफिया तंत्र को अत्यधिक अलर्ट पर ला दिया है।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
अमेरिकी न्याय विभाग और जांच रिपोर्टों के अनुसार, इवांका ट्रम्प की हत्या की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी का नाम मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी (Mohammad Baqer Saad Dawood Al-Saadi) है। 32 वर्षीय अल-सादी मूल रूप से एक इराकी नागरिक है।
- पारिवारिक और चरमपंथी जुड़ाव – अल-सादी का पालन-पोषण उसकी इराकी मां द्वारा मुख्य रूप से बगदाद में हुआ था लेकिन बाद में उसे विशेष सैन्य और खुफिया प्रशिक्षण के लिए ईरान की राजधानी तेहरान भेजा गया था। वहां उसने ईरान की कुख्यात और ताकतवर पैरामिलिट्री फोर्स ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) से ट्रेनिंग ली थी।
- संगठनों से संबंध – सुरक्षा एजेंसियों की जांच के मुताबिक अल-सादी के संबंध न केवल ईरान की IRGC से थे बल्कि वह इराक के खतरनाक ईरान-समर्थित मिलिशिया समूह ‘कताइब हिज्बुल्लाह’ (Kata’ib Hezbollah) से भी गहराई से जुड़ा हुआ था।
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गिरफ्तारी और अंतरराष्ट्रीय वारंट
आतंकी मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी को हाल ही में 15 मई को तुर्की (Turkey) में एक बड़े खुफिया ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया गया। तुर्की प्राधिकारियों द्वारा पकड़े जाने के बाद उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत संयुक्त राज्य अमेरिका (US) प्रत्यर्पित (Extradite) कर दिया गया। फिलहाल आरोपी अल-सादी को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में स्थित ‘मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर’ (MDC) में सख्त सुरक्षा के बीच एकांत कारावास (Solitary Confinement) में रखा गया है। अमेरिकी संघीय जांचकर्ता उससे इस नेटवर्क के अन्य गुर्गों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं।
घटना का मुख्य उद्देश्य – ‘कासिम सुलेमानी’ की मौत का बदला
इस पूरी खौफनाक साजिश के पीछे का मुख्य उद्देश्य अत्यधिक राजनीतिक और प्रतिशोधात्मक है।
प्रतिशोध की आग – जनवरी 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल के दौरान अमेरिका ने बगदाद में एक ड्रोन स्ट्राइक की थी। इस हमले में ईरान के सबसे ताकतवर और कुद्स फोर्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी (Qasem Soleimani) की मौत हो गई थी। ईरान और उससे जुड़े आतंकी संगठन तब से ही ट्रम्प और उनके परिवार से इसका बदला लेने की कसम खाए हुए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार सुलेमानी की मौत के बाद अल-सादी ने कसम खाई थी कि वह डोनाल्ड ट्रम्प के परिवार को तबाह कर देगा। जांचकर्ताओं के सामने आए बयानों के मुताबिक अल-सादी अक्सर लोगों से कहता था
”जिस तरह ट्रम्प ने हमारे घर (कासिम सुलेमानी) को जलाया उसी तरह ट्रम्प के साम्राज्य को आग लगाने के लिए हमें इवांका ट्रम्प को मारना होगा।”
साजिश का खुलासा और भयानक सुराग
अल-सादी बेहद शातिर था लेकिन डिजिटल फुटप्रिंट्स और खुफिया निगरानी के कारण वह पकड़ा गया। जांच एजेंसियों को उसके पास से और उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स से कई चौंकाने वाले सबूत मिले हैं
- फ्लोरिडा आवास का ब्लूप्रिंट – गिरफ्तारी के बाद अल-सादी के पास से इवांका ट्रम्प और उनके पति जारेड कुशनर के फ्लोरिडा स्थित 24 मिलियन डॉलर (करीब 200 करोड़ रुपये) के आलीशान बंगले का नक्शा (Blueprint) बरामद हुआ है।
- सोशल मीडिया पर खुली धमकी – अल-सादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इवांका के इसी घर की सैटेलाइट तस्वीर साझा करते हुए अरबी भाषा में लिखा था— “अमेरिकियों, इस तस्वीर को देखो और जान लो कि तुम्हारे महल या सीक्रेट सर्विस भी तुम्हें नहीं बचा पाएगी। हम अभी निगरानी और विश्लेषण के चरण में हैं। हमारा बदला बस वक्त की बात है।”
- सुलेमानी के साथ तस्वीरें – अदालती दस्तावेजों के अनुसार, अल-सादी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कासिम सुलेमानी के साथ सैन्य ठिकानों पर नक्शों और हथियारों की समीक्षा करते हुए पुरानी तस्वीरें भी मिली हैं, जो उसके सीधे जुड़ाव की पुष्टि करती हैं।
वैश्विक आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था अल-सादी
अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने खुलासा किया है कि अल-सादी सिर्फ इवांका ट्रम्प की साजिश तक ही सीमित नहीं था। उस पर अमेरिका और यूरोप भर में 18 अलग-अलग आतंकी हमलों और प्रयासों को अंजाम देने या उनकी साजिश रचने का आरोप है। इनमें यहूदी स्थलों, सिनैगॉग और अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाना शामिल था, जैसे
- मार्च में एम्स्टर्डम में बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलन की इमारत पर फायरबॉम्बिंग।
- अप्रैल में लंदन में दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला।
- टोरंटो में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास गोलीबारी की घटना।
इवांका ट्रम्प की हत्या की इस बड़ी साजिश के नाकाम होने से अमेरिका ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट को टाल दिया है लेकिन इसने ट्रम्प परिवार की सुरक्षा व्यवस्था और ईरान-अमेरिका के बीच जारी गुप्त तनाव को एक बार फिर दुनिया के सामने ला खड़ा किया है।







