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दिल्ली मालवीय नगर होटल अग्निकांड -अब तक 21 लोगों की मौत 

दिल्ली मालवीय नगर होटल अग्निकांड -अब तक 21 लोगों की मौत 
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 5, 2026 12:53 अपराह्न
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दिल्ली के मालवीय नगर के होटल अग्निकांड ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। दक्षिणी दिल्ली के हौज इलाके में हुई इस घटना में 21 लोग की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए है। आगे लगने का कारण शॉर्ट सर्किट व सुरक्षा मानकों का पालन न करना बताया जा रहा है। आग इतनी भीषण थी कि लोगों को बचाने का मौका तक दमकल कर्मियों को नहीं मिला। कई लोग होटल के बाहर से ही छलांग लगाते नजर आए। होटल के अन्दर ज्यादा धुआं होने के कारण बचाव अभियान में दिक्कत आ रही थी लेकिन फिर भी जैसे तैसे दमकल कर्मी और फायर ब्रिगेड ने कुछ लोग को बचा लिया। यह अग्निकांड Flourish stay B&B (Bed and breakfast) नाम के होटल में हुई है। जांच में सामने आया है कि होटल के मालिक का नाम लवकेश बजाज है। पुलिस द्वारा लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। होटल के मैनेजर जय मिश्रा की भूमिका भी अहम है इसलिए पुलिस जय मिश्रा से भी पूछताछ करेगी। इस पूरे घटना में दिल्ली सरकार की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए कि 5 कमरों की इजाज़त वाले होटल में 25 कमरे कैसे बन गए? 

सुरक्षा मानकों का पालन न करना 

पुलिस द्वारा पूछताछ में कुछ चीजें जरूर सामने आई है लेकिन इन चीजों से मृतक परिवारों को राहत नहीं पहुंचने वाली है। बिल्डिंग में पहले 5 कमरे बनाने की इजाजत थी और होटल के मालिक ने देखते ही देखते 20 से ज्यादा कमरों का निर्माण कर दिया। सवाल यह भी है कि दिल्ली सरकार ने इस ज्यादा कमरे वाले होटल को बनाने के लिए मंजूरी कैसी दे दी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पूरे घटना क्रम पर अपनी नजर बनाई हुई है। 

कई सुरक्षा मानकों का भी पालन बिल्डिंग में नहीं हुआ। अग्नि शमन यंत्र भी बिल्डिंग से गायब था जबकि किसी भी बिल्डिंग में अग्नि शमन यंत्र का होना जरूरी होता है। शॉर्ट सर्किट भी होटल में आग लगने का कारण बताया जा रहा है। मरने वाले केवल भारतीय नहीं थे बल्कि कुछ विदेशी भी थे जो इलाज करवाने या किसी अन्य काम से भारत आए थे। होटल मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस लवकेश बजाज से पूछताछ करेगी कि 5 कमरों के निर्माण वाले होटल में 20 से ज्यादा कमरों के निर्माण की स्वीकृति कैसे मिल गई। 

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आर्थिक सहायता की घोषणा 

दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायलों को भी दिल्ली सरकार ने 5-5 लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है ताकि घायलों को बेहतर उपचार मिल सके। प्रधानमंत्री राहत कोष के तहत मृतकों को 2-2 लाख रूपये की आर्थिक सहायता और प्रधानमंत्री राहत कोष के तहत घायलों को 50-50 हजार रूपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला सरकार ने किया है। इस आर्थिक सहायता से मृतकों के परिजनों को राहत मिलेगी और घायलों को उचित उपचार के लिए सराहा मिल सकेगा। दिल्ली सरकार भले ही आर्थिक सहायता की घोषणा की है लेकिन बिल्डिंग्स में सुरक्षा मानकों को तय किया जाना चाहिए। 21 लोग की मौत की खबर से पूरे देश में गम का माहौल है। 21 लोगों की जान अब वापस नहीं आ सकती है। दिल्ली सरकार को अब सुरक्षा मानकों का आधार तय होना चाहिए। 

गद्दों से बचाई जान 

जब बिल्डिंग में आग लगी तो आस पास के कमरों में धुआं इतना ज्यादा था कि बाहर से अन्दर तक दमकल कर्मी नहीं पहुंच पा रहे थे। ऐसे समय में बिल्डिंग से बाहर कूद कर ही जान बचाई जा सकती थी। बगल में एक गद्दों की दुकान थी। उसके मालिक ने अपने लड़कों के साथ बिल्डिंग के नीचे गद्दों को बिछाकर होटल के नीचे कूदने वालों की जान बचाई। गद्दों के दुकान के मालिक ने अपने सारे गद्दों को जमीन में बिछाकर होटल से नीचे कूदने वालों की जान बचाई। इस साहस भरे कदम से गद्दों के मालिक की जमकर प्रशंसा हो रही है। कई लोग गद्दों के मालिक को भगवान की तरह बता रहे है। एक वीडियो में एक मां को अपने बच्चे को सीने से लगाकर कूदते देखा गया। यह भी बात सच है कि नीचे गद्दे न होते तो नीचे 

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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