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FA (एफए कप) 2025-26 – हैलैंड की हैट्रिक से लिवरपूल दहला मैनचेस्टर सिटी ने किया 4-0 से पराजित

FA (एफए कप) 2025-26 - हैलैंड की हैट्रिक से लिवरपूल दहला मैनचेस्टर सिटी ने किया 4-0 से पराजित
नवजोत कौर सिद्धू
On: अप्रैल 5, 2026 2:28 अपराह्न
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मैनचेस्टर। फुटबॉल की दुनिया में कुछ रातें ऐसी होती हैं जो सिर्फ रिकॉर्ड बुक के पन्नों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि वे प्रशंसकों के जहन में एक अमिट याद बनकर दर्ज हो जाती हैं। रविवार की रात एतिहाद स्टेडियम में कुछ ऐसा ही मंजर था। शाम ढलते ही जब मैनचेस्टर सिटी और लिवरपूल के दिग्गज आमने-सामने आए, तो माहौल में एक अजीब सी बिजली कौंध रही थी। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि एर्लिंग हैलैंड नाम का ‘नॉर्वेजियन वाइकिंग’ लिवरपूल की मजबूत मानी जाने वाली रक्षापंक्ति को इस कदर ध्वस्त कर देगा। हैलैंड की विस्फोटक हैट्रिक की बदौलत मैनचेस्टर सिटी ने लिवरपूल को 4-0 से रौंदकर न केवल एफए कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई, बल्कि पूरे यूरोप को अपनी ताकत का संदेश भी दे दिया।

कांटे की शुरुआत के बाद हेलैंड का जादू

मैच की पहली सीटी बजते ही लिवरपूल ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में शुरुआत की। लुइस डियाज और मोहम्मद सालाह की जुगलबंदी ने सिटी के प्रशंसकों की धड़कनें तेज कर दी थीं। शुरुआती 20 मिनटों तक ऐसा लग रहा था कि जुर्गन क्लॉप की रणनीति काम कर रही है। लिवरपूल का ‘हाई प्रेस’ गेम सिटी को अपनी लय पकड़ने से रोक रहा था। लेकिन पेप गार्डियोला की टीम की सबसे बड़ी खूबी उनका धैर्य है।मैच का रुख 37वें मिनट में बदला, जब वर्जिल वैन डाइक, जिन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ रक्षकों में गिना जाता है, ने डी-बॉक्स के भीतर एक घातक गलती कर दी। 

हैलैंड को रोकने के प्रयास में उनका पैर गलत जगह पड़ा और रेफरी ने बिना देर किए पेनल्टी का इशारा कर दिया। पूरा स्टेडियम सन्न था। दबाव के उन क्षणों में हैलैंड के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। उन्होंने गेंद को गोल के बाएं कोने में इतनी ताकत से मारा कि एलिसन बेकर के पास हिलने तक का मौका नहीं था। यह पहला गोल सिर्फ एक अंक नहीं था, बल्कि लिवरपूल के आत्मविश्वास की दीवार में पहली दरार थी।

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गोल ने किया लिवरपूल जो हताश

पहला गोल होने के बाद लिवरपूल की लय जैसे कहीं खो गई। पहले हाफ के इंजरी टाइम में जब दर्शक ब्रेक की तैयारी कर रहे थे, तभी केविन डी ब्रुयने ने एक जादुई क्रॉस बॉक्स की तरफ उछाला। हवा में लगभग सात फीट की ऊंचाई पर छलांग लगाते हुए हैलैंड ने जो हेडर लगाया, वह किसी कलाकृति से कम नहीं था। गेंद जाल से टकराई और स्कोर 2-0 हो गया।हाफटाइम तक लिवरपूल के खिलाड़ियों के चेहरों पर वह बेबसी दिखने लगी थी जो अक्सर महान टीमों को हारते समय महसूस होती है।

हैलैंड की बॉडी लैंग्वेज बता रही थी कि वह आज सिर्फ जीतने नहीं, बल्कि इतिहास लिखने उतरे हैं। उनकी शारीरिक ताकत, गति और गेंद को भांपने की क्षमता ने वैन डाइक और कोनाटे जैसे डिफेंडर्स को लाचार बना दिया था।

पेनाल्टी भी हुई बेकार

दूसरे हाफ की शुरुआत में लिवरपूल ने वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। 55वें मिनट में उन्हें एक जीवनदान मिला जब सिटी के डिफेंडर से हैंडबॉल हुई और लिवरपूल को पेनल्टी मिली। एतिहाद में सन्नाटा पसर गया। मोहम्मद सालाह, जो अपनी सटीक फिनिशिंग के लिए जाने जाते हैं, गेंद के पीछे आए। लेकिन शायद दबाव उन पर हावी हो चुका था। उनका शॉट गोल पोस्ट के ऊपर से निकल गया।फुटबॉल में कहा जाता है कि अगर आप मौकों को नहीं भुनाते, तो खेल आपको सजा देता है। सालाह की उस चूक ने लिवरपूल के समर्थकों का मनोबल तोड़ दिया। यहाँ से वापसी मुमकिन नहीं लग रही थी।

हैट्रिक का जश्न

70वें मिनट में वह ऐतिहासिक पल आया जिसका हर सिटी फैन इंतजार कर रहा था। फिल फोडेन के एक सटीक पास को हैलैंड ने ड्रिबल करते हुए डिफेंडर्स को छकाया और गेंद को गोलकीपर के बगल से नेट में डाल दिया। यह उनकी हैट्रिक थी। पूरा एतिहाद स्टेडियम “हैलैंड-हैलैंड” के नारों से गूंज उठा। हजारों की तादाद में दर्शक अपनी सीटों से खड़े होकर उस नौजवान की तारीफ कर रहे थे जिसने फुटबॉल को इतना आसान बना दिया था।

इसके कुछ ही देर बाद, सिटी ने चौथा गोल दागकर लिवरपूल की रही-सही उम्मीदों को भी दफन कर दिया। अंतिम सीटी बजने से पहले ही लिवरपूल के कई समर्थक स्टेडियम छोड़कर जाने लगे थे। उन खाली होती सीटों में हार का जो दर्द था, वह किसी भी स्कोरलाइन से ज्यादा गहरा था।

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टीम वर्क ने दिलाई मैनचेस्टर सिटी को जीत

भले ही सुर्खियां हैलैंड बटोर रहे हों, लेकिन इस जीत के पीछे मैनचेस्टर सिटी का वह टीम वर्क था जो किसी मशीन की तरह सटीक काम करता है। रोड्री ने मिडफील्ड में किसी दीवार की तरह काम किया, तो जैक ग्रीलिश और फोडेन ने विंग्स पर लिवरपूल को थका दिया। पेप गार्डियोला ने एक बार फिर साबित किया कि क्यों उन्हें आधुनिक फुटबॉल का सबसे बड़ा रणनीतिकार माना जाता है। उन्होंने लिवरपूल की कमजोरियों को पहचाना और अपने मोहरों को बिल्कुल सही जगह पर तैनात किया।

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लिवरपूल के लिए सबक

लिवरपूल के लिए यह हार किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है। एक समय जो टीम ‘क्वाड्रपल’ (चार खिताब) जीतने का दम भरती थी, वह आज रक्षात्मक गलतियों और खराब फिनिशिंग की शिकार हो रही है। जुर्गन क्लॉप के लिए अब यह सिर्फ एक हार नहीं, बल्कि टीम के पुनर्गठन की चेतावनी है। वैन डाइक की फॉर्म और मिडफ़ील्ड में रचनात्मकता की कमी उनके लिए बड़ी चिंता का विषय है।

खिताब से दो कदम दूर लिवरपूल

मैच खत्म होने के बाद हैलैंड जब मैच बॉल को अपने हाथ में लेकर मैदान से बाहर निकल रहे थे, तो उनके चेहरे पर एक विजेता की मुस्कान थी। यह जीत मैनचेस्टर सिटी को एफए कप के खिताब के और करीब ले आई है। लेकिन इस मैच का महत्व सिर्फ सेमीफाइनल तक पहुंचने का नहीं है; यह इस बात का प्रमाण है कि हैलैंड अब केवल एक स्ट्राइकर नहीं, बल्कि एक युग की शुरुआत हैं।अब सवाल यह नहीं है कि सिटी जीतेगी या नहीं, सवाल यह है कि कोई उन्हें रोकेगा कैसे? सेमीफाइनल की राह अब और भी रोमांचक हो गई है, लेकिन आज की रात सिर्फ और सिर्फ ‘ब्लू मून’ और उनके सबसे चमकदार सितारे एर्लिंग हैलैंड के नाम रही।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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