कोच्चि। एशियन फुटबॉल महासंघ के द्वारा अगले वर्ष आयोजित किए जाने वाले एशियन कप फुटबॉल चैंपियनशिप में क्वालीफाई करने के लिए खेले जाने मुकाबले चल रहे हैं , इसी कड़ी में कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए एक मुकाबले में भारत ने हांगकांग को 2-1 से हर दिया हालांकि भारत इस जीत के बावजूद भी एशियन कप फुटबॉल चैंपियनशिप में प्रवेश नहीं कर पाएगा क्योंकि पिछले मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा था।इस जीत के साथ भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने एशियन कप क्वालीफायर में अपने सफर का समापन सम्मान जनक तरीके से किया ।
पहला हाफ भारत की बढ़त
भारत की टीम इस मैच में आक्रमण के साथ शुरुआत की , मैच के चौथे मिनट में भारतीय टीम की आक्रमण पंक्ति ने एक शानदार मूव बनाया , गोल लाइन पर भारत के फॉरवर्ड खिलाड़ी मनवीर सिंह ने भारतीय टीम में पदार्पण कर रहे अपने साथी खिलाड़ी रेयान विलियम्स को एक पास दिया , इस पास पर बिना कोई चूक किए विलियम्स ने गेंद को नेट में डाल दिया।अपने पहले ही मैच में किया गया यह गोल उनके लिए यादगार बन गया और टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित हुआ।इस गोल के बाद भी भारतीय टीम ने लगातार आक्रमण जारी रखा , मनवीर सिंह – लिस्टन कोलासो और लल्लियांजुआला चंगाटे की तिकड़ी ने तालमेल का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए हांगकांग की रक्षापंक्ति को व्यस्त रखा।हालांकि कई अच्छे मूव बनाने के बावजूद भारतीय टीम अपनी बढ़त को दोगुना नहीं कर सकी। हांगकांग की टीम ने भी बीच-बीच में जवाबी हमले किए, लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने उन्हें सफल नहीं होने दिया।
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दूसरे हॉफ में भी भारत का दबदबा
मैच के दूसरे हाफ में भी भारत ने अपना पैना खेला जारी रखा नतीजा यह हुआ कि मैच के पचासवें मिनट में आकाश मिश्रा ने टीम के लिए एक और गोल करके भारत को 2-0 की बढ़त दिला दी। यह गोल एक रिबाउंड से आया, जहां मिश्रा ने मौके का पूरा फायदा उठाया और गेंद को जाल में डाल दिया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला गोल था, जिसने भारत की स्थिति को और मजबूत कर दिया।दो गोल से पिछड़ने के बाद हांगकांग की टीम ने आक्रामकता दिखाई। 65वें मिनट में एवर्टन कामार्गो ने गोल कर स्कोर 2-1 कर दिया।इस गोल के बाद मैच में रोमांच बढ़ गया और हांगकांग ने बराबरी के लिए लगातार प्रयास किए। अंतिम मिनटों में उन्होंने भारतीय गोलपोस्ट पर दबाव बनाया, लेकिन भारतीय डिफेंस और गोलकीपर ने संयम बनाए रखा और बढ़त को सुरक्षित रखा और मैच का अंत इसी स्कोर के साथ हुआ।

लंबे समय बाद मिली जीत
भारत की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में काफी दिनों के बाद कोई जीत मिली है , इस जीत ने घरेलू दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम का एशियन कप क्वालीफायर मुकाबलों में अभियान की समाप्ति हो गई । भारत अपने ग्रुप में एक जीत और दो ड्रॉ के साथ पांच अंकों के साथ अंतिम स्थान में रहा।यह मुकाबला इसलिए भी अहम था क्योंकि पहले चरण में भारत को हांगकांग के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस जीत ने टीम को आत्मविश्वास दिया और पिछली हार का बदला भी पूरा किया।
नए खिलाड़ियों ने दिखाया दम
इस मैच की सबसे बड़ी उपलब्धि युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन रहा। रयान विलियम्स ने डेब्यू पर गोल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जबकि आकाश मिश्रा ने भी पहला अंतरराष्ट्रीय गोल कर टीम में अपनी उपयोगिता साबित की।
इसके अलावा टीम का तालमेल, आक्रामक सोच और खेल में निरंतरता भी बेहतर नजर आई, जो आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए शुभ संकेत हैं। भारतीय कोच खालिद जमाल के लिए यह मैच कई प्रयोगों का अवसर भी था, जिसमें टीम ने आक्रामक और संतुलित खेल का प्रदर्शन किया।
भारतीय टीम भले ही एएफसी एशिया कप में जगह बनाने से चूक गई हो, लेकिन हांगकांग के खिलाफ यह जीत एक नई शुरुआत का संकेत देती है। युवा खिलाड़ियों का उभरना और टीम का संतुलित प्रदर्शन भविष्य में बेहतर परिणामों की उम्मीद जगाता है।







