उत्तर भारत में सर्दियों के चरम पर पहुंचते ही घने कोहरे ने एक बार फिर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। खास तौर पर हवाई यातायात पर इसका गंभीर असर देखने को मिला है। दिल्ली, अमृतसर, लखनऊ, चंडीगढ़ और जयपुर जैसे प्रमुख हवाई अड्डों से कई उड़ानें रद्द या देरी से संचालित की गईं। यात्रियों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों ने सुबह-सुबह ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

कोहरे की स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के कई हिस्सों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। खासकर तड़के सुबह के समय कोहरा इतना घना रहा कि रनवे पर विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ मुश्किल हो गई।
हवाई सुरक्षा मानकों के अनुसार, जब तक न्यूनतम दृश्यता उपलब्ध न हो, तब तक उड़ानों का संचालन जोखिम भरा माना जाता है। इसी कारण कई फ्लाइट्स को रद्द करने या डायवर्ट करने का फैसला लिया गया।
उड़ानें रद्द और विलंबित
घने कोहरे के चलते घरेलू और कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर पड़ा। कई यात्रियों की फ्लाइट्स घंटों तक लेट रहीं, जबकि कुछ को अंतिम समय पर रद्द कर दिया गया।
दिल्ली एयरपोर्ट से जुड़ी अधिकांश उड़ानों का असर अन्य शहरों तक भी देखने को मिला, क्योंकि दिल्ली एक प्रमुख हब है। इससे कनेक्टिंग फ्लाइट्स लेने वाले यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ी।
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एयरलाइंस की ट्रैवल एडवाइजरी
स्थिति को देखते हुए एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों के लिए अर्ली मॉर्निंग ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। इसमें यात्रियों से आग्रह किया गया कि वे:
- एयरपोर्ट जाने से पहले फ्लाइट स्टेटस जरूर जांचें
- संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचें
- वेब चेक-इन और डिजिटल बोर्डिंग पास का उपयोग करें
एयरलाइंस ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम सामान्य होने पर ही उड़ानों का संचालन किया जाएगा।
यात्रियों की परेशानी
फ्लाइट रद्द होने और देरी के कारण कई यात्री एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करने को मजबूर हो गए। कुछ यात्रियों की शादी, परीक्षाएं या जरूरी व्यावसायिक मीटिंग्स प्रभावित हुईं।
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की, हालांकि कई लोगों ने यह भी माना कि सुरक्षा के लिहाज से एयरलाइंस का फैसला सही है।
एयरपोर्ट प्रशासन की भूमिका
एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए सूचना काउंटर, अतिरिक्त स्टाफ और अनाउंसमेंट सिस्टम को सक्रिय रखा। कई जगहों पर यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों या रिफंड से जुड़ी जानकारी दी गई।
हालांकि, यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण व्यवस्थाओं पर दबाव साफ नजर आया।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिनों तक घना कोहरा बना रह सकता है। इसके साथ ही शीत लहर की स्थिति भी जारी रहने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और नमी के कारण कोहरे की तीव्रता बढ़ रही है, जिससे परिवहन सेवाओं पर लगातार असर पड़ सकता है।
अन्य परिवहन पर असर
कोहरे का असर केवल हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। कई ट्रेनें देरी से चलीं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन धीमी गति से चलते नजर आए।
सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
सुविधा से पहले सुरक्षा
विशेषज्ञों का कहना है कि उड़ान रद्द करना यात्रियों के लिए भले ही असुविधाजनक हो, लेकिन कम दृश्यता में उड़ान भरना जानलेवा साबित हो सकता है।
आधुनिक तकनीक जैसे CAT-III सिस्टम के बावजूद, अत्यधिक कोहरे में मानवीय सतर्कता और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होता है।
यात्रियों को क्या करना चाहिए
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि:
- मौसम अपडेट और एयरलाइंस नोटिफिकेशन पर नजर रखें
- वैकल्पिक यात्रा योजनाएं तैयार रखें
- एयरलाइंस की कस्टमर केयर से संपर्क में रहें
इससे अनावश्यक तनाव और समय की बर्बादी से बचा जा सकता है।
निष्कर्ष
घने कोहरे के कारण कई उड़ानों का रद्द होना उत्तर भारत में सर्दियों की एक आम लेकिन चुनौतीपूर्ण सच्चाई बन गया है। एयरलाइंस द्वारा जारी ट्रैवल एडवाइजरी यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया एक आवश्यक कदम है।
हालांकि यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ रही है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि सुरक्षा से बड़ा कोई विकल्प नहीं। मौसम सामान्य होते ही हालात सुधरने की उम्मीद है। तब तक सतर्कता, धैर्य और सही जानकारी ही यात्रियों के लिए सबसे बड़ा सहारा है।






