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हरदा में 11 घंटे का जनक्रांति आंदोलन खत्म, करणी सेना बोली—अब राजनीति में उतरने का वक्त

जनक्रांति आंदोलन
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 21, 2025 11:40 अपराह्न
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मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ उस वक्त सामने आया, जब करणी सेना ने खुलकर चुनावी मैदान में उतरने और अलग राजनीतिक दल बनाने का ऐलान कर दिया। हरदा जिले में आयोजित 11 घंटे लंबे “जनक्रांति आंदोलन” के समापन के बाद करणी सेना के नेताओं ने यह घोषणा की, जिसने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। आंदोलन के मंच से करणी सेना के प्रमुख नेताओं ने सरकार और पारंपरिक राजनीतिक दलों पर तीखे हमले किए और कहा कि अब केवल आंदोलन नहीं, बल्कि सीधे सत्ता की लड़ाई लड़ी जाएगी। आंदोलन के समापन पर शेरपुर ने साफ शब्दों में कहा—“अब अगला पड़ाव दिल्ली होगा।”

जनक्रांति आंदोलन

हरदा में 11 घंटे चला जनक्रांति आंदोलन, उमड़ी भीड़

हरदा में आयोजित जनक्रांति आंदोलन सुबह से शुरू होकर करीब 11 घंटे तक चला। इस दौरान बड़ी संख्या में करणी सेना के समर्थक, युवा और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद रहे। मंच से वक्ताओं ने सामाजिक सम्मान, पहचान और अधिकारों को लेकर अपनी बात रखी। आंदोलन के दौरान माहौल पूरी तरह अनुशासित रहा, हालांकि सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया था।

करणी सेना के नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव की शुरुआत है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों से बड़े राजनीतिक दल समाज की आवाज़ को नजरअंदाज करते रहे हैं और चुनाव के समय सिर्फ वादे किए जाते हैं। आंदोलन में शामिल लोगों ने नारेबाजी के जरिए सरकार और राजनीतिक दलों के खिलाफ नाराज़गी जताई।

आंदोलन के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन नहीं था, बल्कि आने वाले बड़े राजनीतिक कदमों का संकेत है। हरदा का यह आयोजन करणी सेना के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें संगठन ने अपनी जमीनी पकड़ दिखाने की कोशिश की।

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चुनाव लड़ने और नया राजनीतिक दल बनाने का ऐलान

जनक्रांति आंदोलन के मंच से करणी सेना ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि संगठन अब चुनाव लड़ेगा और इसके लिए जल्द ही एक राजनीतिक दल का गठन किया जाएगा। नेताओं का कहना था कि जब तक समाज की आवाज़ विधानसभा और संसद तक नहीं पहुंचेगी, तब तक वास्तविक बदलाव संभव नहीं है। इसी सोच के तहत करणी सेना ने राजनीति में सीधे उतरने का फैसला लिया है।

करणी सेना के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि नया राजनीतिक दल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश से इसकी शुरुआत होगी और इसके बाद अन्य राज्यों में भी संगठन को मजबूत किया जाएगा। चुनाव लड़ने को लेकर यह भी कहा गया कि उम्मीदवार समाज और संगठन के बीच से चुने जाएंगे, ताकि जमीनी मुद्दों को सही तरीके से उठाया जा सके।

इस ऐलान के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि करणी सेना का यह कदम मध्य प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है। हालांकि यह भी सवाल उठ रहे हैं कि संगठन चुनावी राजनीति में कितनी मजबूती से खुद को स्थापित कर पाएगा। बावजूद इसके, करणी सेना का आत्मविश्वास और समर्थकों की संख्या इस बात का संकेत देती है कि वह खुद को एक विकल्प के रूप में पेश करना चाहती है।

शेरपुर का एलान- अब दिल्ली कूच, राजनीति होगी अगली लड़ाई

आंदोलन के समापन पर शेरपुर ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि हरदा का आंदोलन केवल शुरुआत है और अगला कदम दिल्ली कूच का होगा। उन्होंने कहा कि अब संघर्ष सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संसद और सत्ता के गलियारों तक जाएगा। शेरपुर ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की सरकारें समाज की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही हैं।

उन्होंने समर्थकों से आह्वान किया कि वे संगठन को मजबूत करें और आने वाले समय में होने वाले आंदोलनों और चुनावी तैयारियों के लिए तैयार रहें। शेरपुर के बयान के बाद मंच पर मौजूद लोगों में उत्साह देखने को मिला और “दिल्ली चलो” के नारे गूंजने लगे।

राजनीतिक दृष्टि से देखें तो करणी सेना का यह रुख आने वाले चुनावों में दबाव की राजनीति के साथ-साथ वैकल्पिक राजनीति की दिशा में बढ़ता कदम माना जा रहा है। सामाजिक आंदोलनों से निकलकर चुनावी राजनीति में उतरने के उदाहरण पहले भी रहे हैं, लेकिन करणी सेना का दावा है कि वह एक संगठित और अनुशासित ढांचे के साथ आगे बढ़ेगी।

कुल मिलाकर, हरदा में खत्म हुआ 11 घंटे का जनक्रांति आंदोलन सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि करणी सेना की नई राजनीतिक यात्रा का ऐलान साबित हुआ है। अब यह देखना अहम होगा कि दिल्ली कूच और नए राजनीतिक दल के गठन के बाद करणी सेना भारतीय राजनीति में किस तरह अपनी भूमिका तय करती है और जनता से कितना समर्थन हासिल कर पाती है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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