Delhi Police ऑपरेशन आघात 3.0 की बड़ी कार्यवाही-दिल्ली में नए साल 2026 के स्वागत की तैयारियों के बीच दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए ऑपरेशन आघात 3.0 Operation Aghat 3.0 के तहत एक व्यापक अभियान चलाया है। यह ऑपरेशन राजधानी में अपराध पर लगाम लगाने असामाजिक तत्वों की धरपकड़ करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
ऑपरेशन आघात 3.0- दिल्ली में सुरक्षित नए साल का संकल्प
दिल्ली जो अपनी जीवंत संस्कृति और उत्सवों के लिए जानी जाती है| नए साल की पूर्व संध्या पर भारी भीड़ और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करती है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस के कमिश्नर के निर्देशानुसार ऑपरेशन आघात 3.0 को लॉन्च किया गया।
यह ऑपरेशन आघात श्रृंखला का तीसरा चरण है जो मुख्य रूप से निवारक पुलिसिंग (Preventive Policing) पर केंद्रित है।
ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य
ऑपरेशन आघात 3.0 का प्राथमिक लक्ष्य अपराधियों के मन में भय पैदा करना और आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करना है। इसके मुख्य उद्देश्यों में शामिल हैं-
- स्ट्रीट क्राइम पर नियंत्रण-झपटमारी लूटपाट और ईव-टीजिंग जैसी घटनाओं को रोकना।
- अवैध हथियारों की बरामदगी-अवैध पिस्तौल चाकू और अन्य घातक हथियारों के व्यापार को ध्वस्त करना।
- सूचीबद्ध अपराधियों की धरपकड़-बैड कैरेक्टर्स BCs और घोषित अपराधियों POs की गतिविधियों पर नजर रखना और उन्हें गिरफ्तार करना।
- नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई-उत्सव के दौरान नशीले पदार्थों की आपूर्ति को रोकना।
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ऑपरेशन की कार्यप्रणाली
दिल्ली पुलिस ने इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए एक बहुस्तरीय रणनीति अपनाई है। इसमें तकनीक और जमीनी पुलिसिंग का अनूठा मिश्रण देखने को मिला है।
- व्यापक छापेमारी और तलाशी अभियान-ऑपरेशन के तहत दिल्ली के सभी 15 पुलिस जिलों में एक साथ छापेमारी की गई। विशेष रूप से उन इलाकों को लक्षित किया गया जिन्हें हॉटस्पॉट संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। पुलिस की टीमों ने रात भर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जिसमें संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली गई।
- ड्रोन्स और सीसीटीवी का उपयोग-भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे विभिन्न बाजारों, चांदनी चौक, खान मार्केट, सरोजिनी नगर और कनॉट प्लेस में ड्रोन किओ सहायता से निगरानी रखी जाएगी। और कंट्रोल रूम में से इन दृश्यों की सीधे मॉनिटरिंग की जाएगी| ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
अब तक की बड़ी उपलब्धियां
ऑपरेशन आघात 3.0 के शुरुआती चरणों में ही पुलिस को बड़ी सफलताएं हाथ लगी हैं। रिपोर्टों के अनुसार गिरफ्तारियां-सैकड़ों की संख्या में हिस्ट्रीशीटर और घोषित अपराधियों को हिरासत में लिया गया है। हथियारों की जब्ती-बड़ी मात्रा में अवैध देसी कट्टे कारतूस और धारदार हथियार बरामद किए गए हैं।
शराब और ड्रग्स-नए साल की पार्टियों के लिए तस्करी कर लाई जा रही अवैध शराब की हजारों बोतलें और प्रतिबंधित नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। वाहन चेकिंग -बिना नंबर प्लेट वाली और संदिग्ध चोरी की बाइकों पर कड़ी कार्रवाई की गई है जिनका उपयोग अक्सर स्ट्रीट क्राइम में होता है।
नए साल के जश्न के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध
31 दिसंबर की रात के लिए ऑपरेशन आघात 3.0 के तहत विशेष नियम लागू किए गए हैं-
- बॉर्डर पर कड़ी निगरानी-दिल्ली की सीमाओं जैसे सिंघु, टिकरी गाजीपुर और गुरुग्राम बॉर्डर पर पिकेट्स लगाए गए हैं ताकि बाहरी तत्वों के प्रवेश की सघन जांच हो सके।
- ड्रंक एंड ड्राइविंग के खिलाफ अभियान -शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ शून्य सहनशीलता Zero Tolerance की नीति अपनाई गई है। दिल्ली की प्रमुख सड़कों पर अलकोमीटर के साथ टीमें तैनात रहेंगी।
- महिला सुरक्षा-महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती पिकिट्स और पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है।
सामाजिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव
इस तरह के ऑपरेशन्स का केवल कानूनी महत्व ही नहीं होता बल्कि इनका एक गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी पड़ता है। आघात 3.0 के माध्यम से पुलिस ने यह संदेश दिया है कि कानून तोड़ने वालों के लिए दिल्ली में कोई जगह नहीं है। इससे आम नागरिकों का पुलिस पर भरोसा बढ़ता है और वे बिना किसी डर के उत्सवों का आनंद ले पाते हैं।







