गाजा पट्टी में जारी संघर्ष के बीच इजराइली सेना (IDF) नेशनिवार को यह आते हुए कहा कि उनके द्वारा एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में गाजा सिटी के अंदर एक कार को निशाना बनाया है। इस लक्षित हमले में फिलिस्तीनी संगठन हमास के सैन्य ढांचे के एक प्रमुख व्यक्ति राएद सईद (Raed Saad) की मौत की पुष्टि हुई है। राएद सईद को हमास की सैन्य शाखा इज्ज़ अल-दीन अल-कसम ब्रिगेड में सेकेंड-इन-कमांड के रूप में जाना जाता था और उनकी पहचान संगठन के शीर्ष नेतृत्व में से एक के रूप में की जाती थी। यह हमला गाजा संघर्ष में हमास के कमांड और कंट्रोल नेटवर्क को बाधित करने की इजराइली रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हमले का विवरण और पहचान की पुष्टि
यह घटना गाजा सिटी के पश्चिमी हिस्से में एक व्यस्त सड़क के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इजराइली ड्रोन या विमान द्वारा दागी गई मिसाइल ने सीधे उस वाहन को ही निशाना बनाया जिसमें हमास के कमांड राएद सईद कथित तौर पर यात्रा कर रहे थे। हमला इतना सटीक और शक्तिशाली था कि कार पूरी तरह से नष्ट हो गई।
हमले के तुरंत बाद हमास से जुड़े सूत्रों और फिलिस्तीनी मीडिया ने पुष्टि की कि इस हमले में राएद सईद मारे गए हैं। इजराइली सेना ने भी बाद में इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली और दावा किया कि सईद हमास के सबसे वांछित लक्ष्यों में से एक थे और उन्होंने गाजा पट्टी में संगठन की सैन्य गतिविधियों को निर्देशित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
राएद सईद का पद संगठन में औपचारिक रूप से सैन्य विंग के डिप्टी चीफ के बराबर ही माना जाता था जिसका अर्थ है कि वह मोहम्मद डेफ के बाद दूसरे सबसे शक्तिशाली सैन्य नेता थे। वह गाजा में हमास के जटिल सुरंग नेटवर्क के प्रबंधन और ऑपरेशन की योजना बनाने में भी शामिल रहते थे जिसे इजराइली सेना ने अपने इस अभियानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया है।
इजराइल की टारगेटेड किलिंग रणनीति
राएद सईद पर यह हमला इजराइल की उस लंबी चली आ रही रणनीति का हिस्सा है जिसे टारगेटेड किलिंग (लक्षित हत्या) कहा जाता है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य युद्ध के मैदान में सीधे लड़ाई के बजाय हमास और अन्य फिलिस्तीनी आतंकवादी समूहों के शीर्ष कमांडरों और रणनीतिकारों को हटाकर उनके संचालन की क्षमता को लकवाग्रस्त करना है।
इजराइली सैन्य खुफिया के अनुसार शीर्ष कमांडरों का मारा जाना न केवल हमास को संगठनात्मक और मनोवैज्ञानिक क्षति पहुंचाता है बल्कि उनके लिए तत्काल मे उत्तराधिकारी नियुक्त करना भी मुश्किल बना देता है जिससे उनके सैन्य अभियानों में समन्वय की भी कमी आती है। राएद सईद की मौत से हमास के सैन्य नेतृत्व में एक बड़ा शून्य पैदा हुआ है जिससे संगठन की दीर्घकालिक योजना और वर्तमान संघर्ष को जारी रखने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा इजराइल इस कार्रवाई को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने भी अपनी सुरक्षा चिंताओं को उजागर करने के तरीके के रूप में प्रस्तुत करता है। उनका तर्क है कि जब तक हमास का सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व सक्रिय रहेगा तो इजराइल पर खतरे बना ही रहेंगे।
हमास की प्रतिक्रिया और गाजा पर प्रभाव
हमास ने अपने शीर्ष कमांडर की मौत पर दुःख व्यक्त किया है और इसे देश के लिए बलिदान बताया है। संगठन ने एक बयान जारी कर कसम भी खाई है कि इस तरह के हमले उनके प्रतिरोध को कमजोर नहीं कर पाएंगे और उनका संघर्ष इसराइल के लिए जारी रहेगा। हमास के प्रवक्ता ने जोर देकर यह भी कहा है कि नेतृत्व में हुए नुकसान के बावजूद संगठन के पास पर्याप्त कैडर और प्रशिक्षण प्राप्त सदस्य हैं जो हमारी आगे की कमान संभाल सकते हैं और लड़ाई जारी रख देश की सुरक्षित देश भी सकते हैं।
हालांकि जमीन पर इसका प्रभाव महत्वपूर्ण हो सकता है। हमारे जिस सेकेंड-इन-कमांड की मौत विशेष रूप से ऐसे समय में हुई है जब गाजा में भीषण लड़ाई चल रही है हमास के लड़ाकों के मनोबल पर चोट कर सकती है। यह हमला संगठन को अपने परिचालन सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने और अपने बाकी बचे शीर्ष नेताओं को छिपाने के लिए मजबूर भी करेगा जिससे उनका प्रभावी ढंग से नेतृत्व करना और भी कठिन हो जाएगा।
यह भी संभावना है कि हमास इस हत्या का बदला लेने की कोशिश भी करेगा। यह इजराइल की ओर अधिक रॉकेट दागने या गाजा पट्टी के अंदर इजराइली सैनिकों के खिलाफ अधिक जटिल घात लगाकर हमला करने की भी कोशिश करेंगे
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इस घटना पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कई पश्चिमी देशों ने जो इजराइल की सुरक्षा के अधिकार का समर्थन करते हैं इस हमले को हमास के खिलाफ इजराइल के सैन्य प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा है। हालांकि वही संयुक्त राष्ट्र और कई मानवीय संगठनों ने बार-बार गाजा में लक्षित हत्याओं के परिणामस्वरूप होने वाली नागरिक हताहतों की संख्या पर चिंता व्यक्त की है।
इजरायल दौरा किया गया यह हमला संघर्ष विराम की अंतर्राष्ट्रीय मांगों पर भी असर डाल सकता है। एक ओर जहां इजराइल अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने के करीब महसूस कर सकता है वहीं हमास अपने एक प्रमुख नेता के नुकसान के बाद खुद को कमजोर स्थिति में नहीं दिखाना चाहेगा जिससे शांति वार्ता के प्रयास और भी जटिल हो सकते हैं।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक गाजा प्रशासन का कहना है कि यह हमला अक्टूबर 2025 में हुए सीजफायर का उल्लंघन है। युद्धविराम के बाद से इजराइल ने अभी तक गाजा में लगभग 800 से ज्यादा हमले किए हैं जिनमें कम से कम 300-400 लोगों की मौत भी हो गई है






