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ट्रम्प का ग्रीनलैंड में कब्जे करने की मंशा  के विरोध मे लाखो प्रदर्शनकारियों ने ट्रम्प के पुतले के साथ जुलूस निकाला

ट्रम्प का ग्रीनलैंड में कब्जे करने की मंशा  के विरोध मे लाखो प्रदर्शनकारियों ने ट्रम्प के पुतले के साथ जुलूस निकाला
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 18, 2026 7:16 अपराह्न
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डॉनल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने (या खरीदने) की मंशा ने साल 2026 की शुरुआत में एक वैश्विक भू-राजनीतिक संकट को जन्म दे दिया है। इस मुद्दे पर डेनमार्क, ग्रीनलैंड और यूरोप के विभिन्न शहरों में जो विशाल जन-आक्रोश देखा गया, उसकी विस्तृत जानकारी निम्नलिखित है

विरोध प्रदर्शन कहाँ-कहाँ हुए और कितने लोग शामिल हुए?

17 जनवरी 2026 को यूरोप और विशेष रूप से नॉर्डिक देशों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।

  • कोपेनहेगन (डेनमार्क) –  डेनमार्क की राजधानी में सबसे बड़ा जुलूस निकाला गया। यहाँ हजारों की संख्या में लोग ‘सिटी हॉल’ (City Hall) के सामने जमा हुए और अमेरिकी दूतावास तक मार्च किया।
  • नूक (ग्रीनलैंड) –  ग्रीनलैंड की राजधानी में कड़ाके की ठंड और हल्की बारिश के बावजूद भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने खुद किया।
  • अन्य शहर – डेनमार्क के आरहुस (Aarhus), अलबोर्ग (Aalborg) और ओडेंस (Odense) जैसे शहरों में भी हजारों प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप के खिलाफ रैलियां निकालीं।
  • भागीदारी –  विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन सभी शहरों को मिलाकर प्रदर्शनकारियों की संख्या लाखों में बताई जा रही है। विशेष रूप से कोपेनहेगन में यह दशकों का सबसे बड़ा जन-विरोध बनकर उभरा।

विरोध प्रदर्शन का स्वरूप और जनता की भावनाएँ

जनता इस प्रदर्शन को अपनी संप्रभुता और सांस्कृतिक पहचान की लड़ाई के रूप में देख रही थी।

  • पुतला दहन और नारे –  प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप के बड़े-बड़े पुतले बनाए और “ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है” (Greenland is not for sale) के नारे लगाए।
  • MAGA का नया रूप – ट्रंप के प्रसिद्ध “Make America Great Again” कैप का मजाक उड़ाते हुए लोगों ने लाल रंग की टोपियाँ पहनी थीं जिन पर “Make America Go Away” लिखा था।
  • इनुइत संस्कृति का प्रदर्शन – ग्रीनलैंड के स्थानीय लोगों (Inuit) ने अपने पारंपरिक लोक गीत गाकर और झंडे लहराकर यह संदेश दिया कि वे एक संपत्ति नहीं बल्कि एक जीवंत समाज हैं।

ट्रंप ने क्या कहा और क्या कार्रवाई की?

विरोध प्रदर्शनों और डेनमार्क के इनकार के बाद ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया और आर्थिक “कार्रवाई” की घोषणा की-

  • टैरिफ की धमकी –  ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर घोषणा की कि जो देश उनके ग्रीनलैंड अधिग्रहण का विरोध करेंगे, उन पर भारी शुल्क (Tariffs) लगाया जाएगा।
  • निशाने पर 8 देश –  ट्रंप ने डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूके, नीदरलैंड और फिनलैंड पर 1 फरवरी 2026 से 10% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिसे 1 जून 2026 से बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा।
  • तर्क –  उन्होंने कहा कि अमेरिका दशकों से इन देशों की सुरक्षा कर रहा है, अब डेनमार्क को “वापस लौटाने” (Give back) का समय आ गया है। उन्होंने इसे अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और प्रशासन का कदम

  • यूरोपीय संघ (EU) –  यूरोपीय संघ ने इसे “खतरनाक और नीचे की ओर जाने वाला कदम” (Downward spiral) करार दिया है। ब्रुसेल्स में आपातकालीन बैठक बुलाई गई है।
  • नाटो (NATO) –  डेनमार्क ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश करता है, तो यह नाटो गठबंधन का अंत होगा।
  • प्रशासन की कार्रवाई –  डेनमार्क और कुछ यूरोपीय सहयोगियों ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए वहां अतिरिक्त सैनिक और गश्ती दल तैनात कर दिए हैं ताकि किसी भी संभावित अमेरिकी सैन्य दबाव का मुकाबला किया जा सके।

जनता विरोध क्यों कर रही है?

जनता के विरोध के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • साम्राज्यवाद का विरोध – लोग 21वीं सदी में किसी क्षेत्र को “खरीदने” या “कब्जा” करने की सोच को उपनिवेशवादी मानसिकता मानते हैं।
  • पर्यावरण और संसाधन – ग्रीनलैंड में दुर्लभ खनिज, तेल और गैस के भंडार हैं। जनता को डर है कि अमेरिकी नियंत्रण के बाद वहां की पारिस्थितिकी (Ecology) नष्ट हो जाएगी।
  • सामरिक असुरक्षा –  लोगों को डर है कि ट्रंप ग्रीनलैंड को “गोल्डन डोम” (मिसाइल रक्षा प्रणाली) का केंद्र बनाकर उसे युद्ध के मैदान में बदल देंगे।
  • लोकतांत्रिक अधिकार – ग्रीनलैंड के 85% से अधिक लोग अमेरिका का हिस्सा बनने के सख्त खिलाफ हैं।
  • यह विरोध प्रदर्शन वर्तमान में अमेरिका और यूरोप के बीच दशकों के सबसे बड़े कूटनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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