तहरीक-ए-तालिबान और इस्लामिक स्टेट से जुड़े सात कैंपों और ठिकानों को निशाना बनायापाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम सीमा पर है। फरवरी 2026 में पाकिस्तान की वायुसेना द्वारा अफगानिस्तान की सीमा के भीतर की गई एयरस्ट्राइक ने दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक बार फिर से खलबली मचा दी है।
घटना का विवरण – एयरस्ट्राइक हमला कब और कहाँ हुआ?
- तारीख – यह हमला 21और 22 फरवरी 2026 की दरमियानी रात शनिवार- रविवार को किया गया।
- समय – पाकिस्तानी मीडिया (Pakistani media) और स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह हमला सुबह (Early Morning) किया गया जब आतंकी अपने ठिकानों पर बेफिक्र होकर सो रहे थे।
- स्थान- पाकिस्तान द्वारा यह हवाई हमले मुख्य रूप से अफगानिस्तान (Afghanistan) के पूर्वी प्रांतों को निशाना बनाकर किया गया
- पक्तिका प्रांत (Paktika Province) – अफगानिस्तान के बरमल और उरगुन जिलों में भारी मात्रा मे बमबारी की गई।
- नंगरहार प्रांत (Nangarhar Province) – अफगानिस्तान के खोगयानी, बहसोद और गनी खेल जिलों में आतंकी ठिकानों को एयर स्ट्राइक के द्वारा ध्वस्त किया गया।
किसके द्वारा किया गया एयरस्ट्राइक?
पाकिस्तानी वायुसेना PAF के लड़ाकू विमानों द्वारा यह हमला किया गया। पाकिस्तान सरकार के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार (Information Minister Ataullah Tarar) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि यह एयर स्ट्राइक पाकिस्तान सेना ने इंटेलिजेंस-आधारित चयनात्मक ऑपरेशन (Intelligence-based selective operations) के तहत अंजाम दिया है।
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पाकिस्तान का दावा और हताहतों हुए लोगों की संख्या
पाकिस्तान सरकार और सैन्य विंग ISPR ने यह दावा किया कि उन्होंने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (Tehreek-e-Taliban Pakistan) और इस्लामिक स्टेट खुरासान (Islamic State Khorasan) से जुड़े मुख्य सात कैंपों और ठिकानों को एयर स्ट्राइक द्वारा सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।
- मृतकों की संख्या – कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मृतकों की संख्या को अलग-अलग बताया जा रहा है इस हमले में कम से कम 16 से 28 लोगों के मारे जाने की खबर है। पाकिस्तान का दावा है कि मारे गए सभी लोग एक ही परिवार के थे और वह ख्वारिजी आतंकी थे।
- तालिबान का पक्ष – अफगान के रक्षा मंत्रालय और वहा की टोलो न्यूज के अनुसार इस एयर स्ट्राइक हमले में एक धार्मिक मदरसे और वहां रहने वाले आवासीय घरों को भी क्षति पहुँची है। तालिबान का यह भी आरोप है कि मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हो सकते हैं हालांकि इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है
एयरस्ट्राइक का मुख्य कारण (Backstory of airstrike)
यह एयर स्ट्राइक अचानक नहीं हुआ बल्कि पिछले कई हफ्तों से जारी आतंकी वारदातों का एक परिणाम था
- इस्लामाबाद मस्जिद हमला – पाकिस्तान में 6 फरवरी 2026 को राजधानी इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद पर आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें 31 पाकिस्तान लोग मारे गए थे। पाकिस्तान ने इस हमले की लिंक अफगानिस्तान में बैठे TTP कमांडरों से जोड़ा था
- बन्नू और बाजौर में हमले – फरवरी के मध्य में भी बन्नू में एक सैन्य काफिले पर हमला हुआ जिसमें पाकिस्तान के एक लेफ्टिनेंट कर्नल समेत दो सैनिक शहीद हुए।और वहीं बाजौर में भी एक हमले में 11 पाकिस्तान सैनिकों की जान गई थी
- खुफिया सबूत – पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने यह दावा किया कि उनके पास एसे पुख्ता सबूत हैं कि जिससे यह साबित होता है कि पाकिस्तान में हुए हमलों की साजिश अफगानिस्तान की धरती पर रची गई थी और हमलावर भी अफगान नागरिक थे।
TTP और इस्लामिक स्टेट का गठजोड़
पाकिस्तान ने इस बार न केवल TTP जिसे पाकिस्तान अब फितना अल-ख्वारिज कहता है बल्कि ISKP के ठिकानों पर भी एयर स्ट्राइक द्वारा हमला किया। पाकिस्तान सरकार का मानना है कि ये दोनों आतंकी संगठन अफगानिस्तान में तालिबान शासन की शरण में फल-फूल रहे हैं और पाकिस्तान मे हमलों के लिए एक-दूसरे का सहारा ले रहे हैं।
भविष्य की चुनौतियां और कूटनीतिक परिणाम
पाकिस्तान के द्वारा की गई एयरस्ट्राइक के बाद अब दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है
- संप्रभुता का उल्लंघन – अफगानिस्तान मे स्थित तालिबान सरकार (Taliban government) ने इसे अपनी क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया है और पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि इसके गंभीर परिणाम होंगे।
- सीमा विवाद – Durand Line पर पहले से ही विवाद चल रहा है। पाकिस्तान यहाँ Fencing लगा रहा है जिसका भी तालिबान विरोध करता है।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया – पाकिस्तान ने विश्व समुदाय (World community) से भी अपील की है कि वे तालिबान पर अपना दबाव डालें ताकि अफगान धरती आतंकवाद के लिए इस्तेमाल न हुए|
भविष्य की राह
फरवरी 2026 की एयरस्ट्राइक यह दर्शाती है कि अब पाकिस्तान रक्षात्मक नीति छोड़ कर आक्रामक रुख अपना रहा है। पाकिस्तान ने इस एयर स्ट्राइक से स्पष्ट कर दिया है कि वह अब पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए सीमा पार जाकर हमला करने से पीछे नहीं हटेगा। आने वाले दिनों में यह तनाव और भी ज्यादा पढेगा जैसे तोरखम बॉर्डर की बंदी और अधिक हिंसक झड़पों में बदल सकता है।







