प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी एक महत्वपूर्ण चार दिवसीय त्रिपक्षीय विदेश यात्रा के लिए रवाना हो गये है| जिसमें वह पश्चिम एशिया और अफ्रीका के तीन प्रमुख देशों जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान का दौरा करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा भारत की नेबरहुड फर्स्ट और एक्ट ईस्ट नीतियों के साथ-साथ अफ्रीकी महाद्वीप के साथ सहयोग बढ़ाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह बहुआयामी कूटनीतिक पहल व्यापार निवेश और सुरक्षा साझेदारी को भी मजबूत करने पर केंद्रित होगी।

पहला चरण जॉर्डन के साथ सात साल बाद द्विपक्षीय वार्ता
यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचेंगे, जहां वह किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। सात वर्षों के अंतराल के बाद यह पहली उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठक है जो दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय का संकेत है।
- रणनीतिक और आर्थिक महत्व – जॉर्डन के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं जो पश्चिम एशिया की अस्थिरता के बीच एक स्थिर भागीदार के रूप में कार्य करता है। फर्टिलाइजर सुरक्षा आर्थिक दृष्टिकोण से जॉर्डन भारत के लिए फॉस्फेटिक और पोटाश फर्टिलाइजर का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता है। भारत अपनी फॉस्फेटिक फर्टिलाइजर की लगभग 40% आवश्यकता जॉर्डन से पूरी करता है। यह वार्ता उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता सुनिश्चित करने और दीर्घकालिक खरीद समझौतों पर ध्यान केंद्रित कर सकती है।
- ऊर्जा और व्यापार – दोनों नेता व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। भारत ने जॉर्डन में खनन रसायन और कपड़ा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निवेश किया है।
- आतंकवाद विरोधी -आज दोनों देश सहयोग मध्य पूर्व में बढ़ते कट्टरपंथ और आतंकवाद के खतरों को देखते हुए सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग एजेंडे में बात करेंगे। जॉर्डन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय खिलाड़ी रहा है।
- क्षेत्रीय स्थिरता- इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष और व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता पर भी विचारों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है।
दूसरे चरण में पीएम मोदी
पूर्वी अफ्रीका के एक महत्वपूर्ण देश इथियोपिया में होगा पीएम मोदी प्रधानमंत्री डॉ. अबीय अहमद अली के निमंत्रण पर 16–17 दिसंबर 2025 को इथियोपिया का दौरा करेंगे| यह प्रधानमंत्री मोदी की प्रथम इथियोपिया यात्रा होगी। पीएम मोदी, प्रधानमंत्री डॉ. अबीय अहमद अली के साथ भारत–इथियोपिया द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा अफ्रीका में भारत का एक प्रमुख भागीदार रही है|इथियोपिया अफ्रीका में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और भारत के लिए यह देश राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
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इथियोपिया से संबंध बढ़ाने का कारण
- व्यापार और निवेश – भारत इथियोपिया में सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में से एक है जिसमें भारतीय कंपनियां कृषि विनिर्माण आईटी और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में मौजूद हैं।
- विकास साझेदारी भारत ने इथियोपिया को शिक्षा स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए लाइन ऑफ क्रेडिट (LoC) प्रदान किया है। प्रधान मंत्री मोदी विकास साझेदारी को और मजबूत करने के लिए नई पहलों की घोषणा कर सकते हैं।
- संयुक्त राष्ट्र और अफ्रीकी संघ दोनों देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार और अफ्रीकी संघ (AU) के साथ भारत के संबंधों जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग करते हैं।
- यह यात्रा अफ्रीकी महाद्वीप के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव की व्यापक रणनीति का हिस्सा है जहां भारत खुद को एक विश्वसनीय विकास भागीदार के रूप में स्थापित करना चाहता है।
तीसरा चरण ओमा एक भरोसेमंद खाड़ी भागीदार
यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर 17–18 दिसंबर 2025 को ओमान का दौरा करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की ओमान की दूसरी यात्रा होगी
- ओमान खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) का एक महत्वपूर्ण सदस्य है और भारत के लिए एक रणनीतिक समुद्री और सुरक्षा भागीदार है।
- ओमान के साथ गहरे संबंध – रणनीतिक स्थान ओमान हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सुरक्षा और ऊर्जा हितों के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग लंबे समय से चला आ रहा है। भारत ओमान के डुक्म पोर्ट सहित कई सुविधाओं तक सैन्य पहुंच का उपयोग करता है जो पश्चिमी हिंद महासागर में भारत की उपस्थिति को मजबूत करता है।
- ऊर्जा सुरक्षा- ओमान भारत को कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का एक स्थिर आपूर्तिकर्ता है। यह यात्रा ऊर्जा साझेदारी को और गहरा करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
- अप्रवासी भारतीय समुदाय- ओमान में लगभग सात लाख अप्रवासी भारतीय रहते हैं जो देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। प्रधान मंत्री मोदी का सामुदायिक कार्यक्रम भारतीय डायस्पोरा को जोड़ने और उनके हितों की रक्षा के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगा।
- व्यापार और निवेश – भारत और ओमान के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध हैं और यह यात्रा नए निवेश के अवसरों की तलाश करेगी।






