चित्रदुर्ग (कर्नाटक), 25 दिसंबर 2025: आज तड़के राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर एक भयंकर सड़क दुर्घटना में एक निजी स्लीपर बस और एक कंटेनर ट्रक की आमने-सामने टक्कर के बाद बस में आग लग गई, जिसमें कम से कम 10 से अधिक यात्रियों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य जारी रखा है।

नींद में थे यात्री, अचानक बन गई आग की लपटें
पुलिस के अनुसार, हादसा सुबह करीब 2:30 बजे हिरियुर तालुक के पास हुआ। बेंगलुरु से शिवमोग्गा जा रही निजी स्लीपर बस में करीब 30 से अधिक यात्री सवार थे। अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे, तभी सामने से आ रहे एक ट्रक ने डिवाइडर पार कर बस को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में तुरंत आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई।
बस में फंसे लोग, नहीं मिला बाहर निकलने का मौका
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद बस के दरवाजे जाम हो गए। आग तेजी से फैलती गई और कई यात्री अपने केबिन से बाहर नहीं निकल पाए। कुछ यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन आग और धुएं के कारण कई लोग अंदर ही फंस गए। मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
सड़क दुर्घटना- मृतकों की पहचान में जुटा प्रशासन
हादसे में मारे गए कई यात्रियों के शव बुरी तरह झुलस गए हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। घायलों को तुरंत हिरियुर और चित्रदुर्ग के सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
दमकल और राहत टीमों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, एंबुलेंस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत और बचाव कार्य कई घंटों तक चला। सड़क पर जले हुए वाहन और मलबा हटाने के कारण हाईवे पर लंबा जाम भी लग गया।
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ट्रक चालक की लापरवाही की आशंका
प्राथमिक जांच में पुलिस को आशंका है कि ट्रक चालक को झपकी आ जाने या तेज रफ्तार के कारण ट्रक डिवाइडर पार कर गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सही कारणों की गहन जांच की जा रही है। ट्रक चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सरकार ने जताया दुख
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव मदद और घायलों के बेहतर इलाज का आश्वासन दिया है। साथ ही, सड़क सुरक्षा नियमों को और सख्ती से लागू करने की बात कही गई है।
फिर उठे सड़क सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर रात में चलने वाली लंबी दूरी की बसों, भारी वाहनों की निगरानी और फायर सेफ्टी इंतजामों पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्लीपर बसों में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम और हाईवे पर ट्रकों की सख्त निगरानी बेहद जरूरी है।






