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प्रकृति के प्रकोप- ब्राजील में 24 मीटर ऊंची गुआइबा की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की मूर्ति गिरी

गुआइबा की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी एक प्रतीक
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 16, 2025 7:43 अपराह्न
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​​ब्राजील के दक्षिणी राज्य रियो ग्रांडे डो सुल के छोटे से शहर गुआइबा में रहने वाले लोगों के लिए 15 दिसंबर 2025 का दिन एक दुखद और अविस्मरणीय घटना लेकर आया। शहर के जलमार्ग के किनारे शान से खड़ी 24 मीटर (लगभग 79 फीट) ऊंची स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की एक लोकप्रिय प्रतिकृति तूफानी हवाओं के प्रचंड वेग के सामने टिक न सकी और धाराशायी हो गई। वही
नीचे बना 11 मीटर ऊंचा पेडेस्टल सुरक्षित रहा| यह घटना न केवल शहर के एक प्रमुख स्थलचिह्न के नुकसान का प्रतीक है बल्कि प्रकृति की अप्रत्याशित शक्ति और उसके विनाशकारी प्रभाव की एक कठोर याद भी दिलाती है।

गुआइबा की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी

​तूफान का तांडव हवाओं का विनाशकारी वेग

​पिछले 24 घंटों से गुआइबा और उसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम ने अत्यंत विकराल रूप धारण कर रखा था। क्षेत्रीय मौसम विज्ञानियों ने तूफानी हवाओं के चलते रेड अलर्ट जारी किया था|जिसमें हवा की गति 90 से100 किलोमीटर प्रति घंटा
से अधिक होने का अनुमान लगाया गया था। ये तूफान अक्सर अटलांटिक से आने वाले ठंडे मोर्चों के कारण इस तटीय क्षेत्र को प्रभावित करते हैं लेकिन इस बार हवाओं की तीव्रता असामान्य रूप से अधिक थी।

​स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 9:30 बजे जब तूफान अपने चरम पर था, तभी यह दुखद घटना घटी। एल्यूमीनियम और स्टील के मजबूत ढांचे पर निर्मित यह विशाल प्रतिमा अचानक एक भयावह गड़गड़ाहट के साथ नीचे गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हवा इतनी तेज थी कि मूर्ति हवा में डगमगा रही थी मानो कोई अदृश्य हाथ उसे हिला रहा हो और अगले ही पल उसका ऊपरी हिस्सा धड़ से अलग होकर ज़मीन पर आ गिरा।

​गुआइबा के मेयर फर्नांडो रोचा ने एक तत्काल संवाददाता सम्मेलन में इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा यह हमारे शहर की पहचान थी एक ऐसी संरचना जो स्वतंत्रता और आशा का प्रतीक थी। इसे गिरे हुए देखना हृदय विदारक है। हम शुक्रगुज़ार हैं कि यह घटना सुबह हुई और इस दौरान आस-पास कोई मौजूद नहीं था जिससे किसी तरह की जान-माल की हानि नहीं हुई है।

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​गुआइबा की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी एक प्रतीक

​गुआइबा की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी न्यूयॉर्क की प्रसिद्ध प्रतिमा की हूबहू नकल नहीं थी लेकिन इसकी अपनी एक विशेष पहचान थी। यह ब्राजील की सबसे ऊंची लिबर्टी प्रतिमाओं में से एक थी और इसे 2018 में शहर के नवीनीकरण परियोजना के हिस्से के रूप में स्थापित किया गया था। इस प्रतिमा को एक स्थानीय इलेक्ट्रॉनिक्स चेन स्टोर के स्वामित्व वाले परिसर के पास स्थापित किया गया था| जिसका उद्देश्य शहर के जलमार्ग को पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना था।

​यह प्रतिमा जल्द ही गुआइबा की संस्कृति और सामाजिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन गई थी। यह स्थानीय लोगों के लिए एक गर्व का विषय थी और राज्य के भीतर एक लोकप्रिय सेल्फी पॉइंट बन गई थी। इसकी विशाल मशाल और मुकुट गुआइबा नदी के जल पर एक शानदार प्रतिबिंब बनाते थे, जो शाम को एक मनमोहक दृश्य रुप प्रस्तुत करता था।

​निर्माण और संरचना पर सवाल

​इस विनाशकारी घटना के बाद प्रतिमा की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर स्वाभाविक रूप से सवाल उठने लगे हैं। शुरुआती जाँच से पता चला है कि मूर्ति का ढांचा मुख्य रूप से हल्के धातु मिश्र धातुओं से बना था जो कि इसकी विशाल ऊंचाई को देखते हुए अत्यधिक हवा के दबाव का सामना करने में विफल रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण के दौरान पवन भार (Wind Load) के आकलन में गंभीर त्रुटियाँ हुई थी विशेषकर ऐसे क्षेत्र के लिए जहाँ तूफानी हवाएँ आना आम हैं।

​सिविल इंजीनियरों की एक टीम अब मलबे की जाँच कर रही है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि क्या फाउंडेशन (नींव) में कोई संरचनात्मक विफलता थी या क्या यह पूरी तरह से धातु की थकान और चरम मौसम की स्थिति का परिणाम था। सरकार ने प्रतिमा के निजी मालिकों और निर्माण कंपनी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

​पुनर्निर्माण और भविष्य की योजना

​मेयर रोचा ने घोषणा की है कि शहर इस महत्वपूर्ण स्थलचिह्न को फिर से स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा हम इस प्रतिमा को फिर से खड़ा करेंगे लेकिन इस बार हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि यह हमारे इतिहास में आने वाले सबसे भयंकर तूफान का भी सामना कर सके।

​स्थानीय नागरिक समाज के समूहों ने पुनर्निर्माण के लिए धन जुटाना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर गुआइबा को पुनर्स्थापित करें ट्रेंड हो रहा है जो ब्राजील के लोगों की अटूट भावना और अपने सांस्कृतिक प्रतीकों के प्रति उनके प्यार को दर्शाता है। उम्मीद है कि नई प्रतिमा का निर्माण शुरू होने से पहले संरचनात्मक अखंडता सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा मानदंडों और आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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