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ट्रंप की दो टूक चेतावनी- इजरायल ने ईरान पर और हमला किया तो कूटनीति का पूरा खेल बिगड़ जाएगा

ट्रंप की दो टूक चेतावनी- इजरायल ने ईरान पर और हमला किया तो कूटनीति का पूरा खेल बिगड़ जाएगा
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 9, 2026 3:53 अपराह्न
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वाशिंगटन/तेल अवीव। मिडिल ईस्ट में जो भयंकर तनातनी चल रही है, उसे रोकने के लिए अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद बीच में कूद पड़े हैं। उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सीधे-साधे शब्दों में समझा दिया है कि भाई, अब ईरान पर आगे कोई नया हमला मत करना। मीडिया में जो अंदर की खबरें छनकर आ रही हैं, उनके मुताबिक ट्रंप ने साफ कह दिया है कि अगर इजरायल और ईरान के बीच यह लड़ाई और आगे खिंची, तो अमेरिका जो शांति समझौता कराने की कोशिश में जुटा है, वह पूरी तरह ठप हो जाएगा। यह बात इसलिए भी बहुत मायने रखती है क्योंकि इस समय वाशिंगटन और तेहरान के बीच पर्दे के पीछे एक बड़ी डील को लेकर खिचड़ी पक रही है। ऐसे में ट्रंप का यह कड़ा रुख अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बहुत बड़ा उलटफेर कर सकता है।

फोन पर हुई लंबी बात, ट्रंप बोले- अभी हाथ रोकना सबसे जरूरी है

खबरें हैं कि हाल ही में ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर काफी लंबी और गंभीर बातचीत हुई है। इस चर्चा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायली पीएम को जमीनी हकीकत समझाते हुए कहा कि अभी जो हालात हैं, उसमें संयम बरतना ही समझदारी है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर इजरायल ने इस वक्त कोई भी बड़ी मिलिट्री कार्रवाई की, तो इलाके में शांति लाने की जो भी कोशिशें चल रही हैं, उन सब पर पानी फिर जाएगा। ट्रंप का तर्क था कि अमेरिकी प्रशासन बहुत समय से कूटनीतिक रास्तों से इस तनाव को शांत करने में लगा हुआ है, और कोई भी नया हमला इस पूरी मेहनत को बेकार कर देगा।

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असल में, पिछले कुछ दिनों में ईरान और इजरायल के बीच की कड़वाहट बहुत ज्यादा बढ़ गई है। ईरान ने जो मिसाइलें दागी थीं, उसके जवाब में इजरायल ने भी पलटवार किया और ईरान के कुछ बेहद खास और रणनीतिक ठिकानों को बमबारी का निशाना बना दिया। इन हमलों के बाद से ही पूरे मिडिल ईस्ट में एक बड़े युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। जानकारों का साफ कहना है कि अगर ये दोनों देश सीधे तौर पर जंग के मैदान में आमने-सामने आ गए, तो इसकी आंच सिर्फ उन तक नहीं रहेगी, बल्कि पूरा क्षेत्र इसकी चपेट में आ जाएगा। यही वजह है कि अमेरिका सहित दुनिया के कई बड़े देश लगातार दोनों से हाथ रोकने की अपील कर रहे हैं।

समझौते को लेकर उम्मीद में ट्रंप, पर नेतन्याहू अपनी जिद पर अड़े

इतनी सारी अड़चनों के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को पूरी उम्मीद है कि कोई न कोई रास्ता निकल आएगा। उनका कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जो बातचीत चल रही है, वह सही दिशा में आगे बढ़ रही है। ट्रंप को लगता है कि दोनों पक्ष किसी समझौते के बेहद करीब हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि कूटनीतिक प्रयास रंग लाएंगे और इलाके में स्थिरता आएगी, बशर्ते इस बातचीत को कामयाब बनाने के लिए सभी पक्ष थोड़ा सब्र दिखाएं।लेकिन इजरायल का मूड इस मामले में वाशिंगटन से बिल्कुल अलग दिख रहा है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू अपनी बात पर अड़े हैं कि ईरान की हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देना इजरायल की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। तेल अवीव का कहना है कि अगर इजरायल ने इस बार पलटवार नहीं किया, तो उसकी धाक कमजोर हो जाएगी और दुश्मन हावी हो जाएंगे। इसी वजह से इजरायल ने आगे के हमलों के विकल्प खुले रखे हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो नेतन्याहू पर देश के भीतर से और अपनी सरकार को बचाने के लिए भी कड़े कदम उठाने का भारी दबाव है।

ईरान ने भी दिए नरमी के संकेत, पर चेतावनी भी साथ है

इस बीच ईरान की तरफ से भी कुछ ढील देने के संकेत मिले हैं। खबरों के अनुसार, ईरान ने कहा है कि अगर इजरायल अब शांत रहता है और कोई नया हमला नहीं करता, तो वह भी अपनी फौजी गतिविधियों को सीमित कर देगा। ट्रंप ने खुद यह दावा किया है कि ईरान की तरफ से तनाव कम करने की बात कही गई है। हालांकि, तेहरान ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर दोबारा उस पर हमला हुआ, तो वह चुप नहीं बैठेगा और अपनी सुरक्षा के लिए डटकर जवाब देगा। यानी स्थिति अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है।

वैश्विक बाजार और व्यापारिक रूट बंद होने का सता रहा है डर

ईरान और इजरायल के इस झगड़े ने संयुक्त राष्ट्र से लेकर दुनिया के तमाम देशों की नींद उड़ा दी है। कई देशों ने दोनों से अपील की है कि वे बैठकर बात करें और बातचीत से ही इस विवाद का हल निकालें। जानकारों का कहना है कि अगर यह लड़ाई आगे बढ़ती है, तो इसका सीधा असर दुनिया के तेल बाजार पर पड़ेगा। इसके साथ ही समुद्री व्यापार के रास्ते ठप हो सकते हैं, जो वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए एक नया और बहुत बड़ा संकट खड़ा कर देगा।

अब सारी नजरें अमेरिका की मध्यस्थता पर टिकी हैं। ट्रंप प्रशासन एक तरफ ईरान के साथ डील फाइनल करने की कोशिश में है, तो दूसरी तरफ इजरायल को समझाने में लगा है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि इजरायल और ईरान क्या कदम उठाते हैं। अगर वे बातचीत का रास्ता चुनते हैं तो शांति की उम्मीद जगेगी, वरना मिडिल ईस्ट एक भीषण तबाही की तरफ बढ़ जाएगा।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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