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विश्वकप हॉकी 2026 – भारतीय टीम के पास किसी को भी हराने की क्षमता – क्रेग फुल्टन

विश्वकप हॉकी 2026 - भारतीय टीम के पास किसी को भी हराने की क्षमता - क्रेग फुल्टन
नवजोत कौर सिद्धू
On: मार्च 20, 2026 12:40 अपराह्न
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FIH विश्वकप हॉकी 2026  में टीमों के ड्रॉ घोषित होने के साथ ही सभी टीमों ने अपनी रणनीतियों पर काम करना शुरू कर दिया है और खिलाड़ियों और कोचों के बयान आना शुरू हो गए हैं, इसी कड़ी में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उनकी टीम अपने पूल में शामिल हर प्रतिद्वंद्वी को हराने की क्षमता रखती है। 

विश्व कप के ड्रॉ और शेड्यूल के सामने आने के बाद फुल्टन ने टीम की तैयारियों, रणनीति और चुनौतियों पर विस्तार से बात की है।यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 14 से 30 अगस्त 2026 के बीच बेल्जियम और नीदरलैंड्स में आयोजित होगा, जिसमें दुनिया की 16 शीर्ष टीमें हिस्सा लेंगी।  48 वर्गीय दक्षिण अफ्रीकी मूल के क्रेग फुल्टन मार्च 2023 से भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कोच हैं, कोचिंग का उन्हें लंबा अनुभव है और वे पहले आयरलैंड और बेल्जियम जैसी टीमों के कोच रह चुके हैं। भारतीय टीम को इस बार पूल D में रखा गया है, जहां उसे इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स जैसी टीमों का सामना करना होगा। 

फुल्टन ने माना कि यह पूल आसान नहीं है, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि बड़ी प्रतियोगिताओं में मजबूत विरोधी ही टीम को बेहतर बनाते हैं।फुल्टन ने कहा कि,भारतीय टीम एक मजबूत ग्रुप में है, लेकिन विश्व कप में यही चुनौती होती है।भारत अपना पहला मुकाबला 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ खेलेगा, जो कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर होगा और खिलाड़ियों के लिए अतिरिक्त प्रेरणा का कारण बनेगा।

अलग टीम :अलग रणनीति

भारतीय कोच क्रेग फुल्टन ने स्पष्ट किया कि आधुनिक हॉकी में एक ही रणनीति से सभी मैच नहीं जीते जा सकते। इसलिए टीम प्रत्येक विरोधी की ताकत और कमजोरी के अनुसार तैयारी कर रही है।हर टीम के खिलाफ अलग रणनीति तैयार करना उनकी रणनीति का अहम हिस्सा है।उन्होंने कहा कि इंग्लैंड टीम संरचना और अनुशासन में  मजबूत है, पाकिस्तान पारंपरिक रूप से तेज और आक्रामक हॉकी के लिए जाना जाता है और वेल्स उलटफेर करने में माहिर टीम मानी जाती है , ऐसे में भारतीय टीम को प्रत्येक मैचों में एक खास रणनीति के तहत उतरना होगा।विश्वकप हॉकी जैसे मंचों में जीत और हार के बीच एक नहीं फासला रहता है , इसलिए छोटी – छोटी चीजें निर्णायक बनती हैं।

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खराब फॉर्म लेकिन आत्मविश्वास बरकरार

पिछले कुछ समय से भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने कोई धमाकेदार प्रदर्शन नहीं किया है ।टीम ने इस सीजन में सिर्फ एक ही जीत दर्ज की है, वह भी पेनल्टी शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ। इसके बावजूद फुल्टन को भरोसा है कि टीम सही समय पर अपने लय पर आ जाएगी।

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एशिया कप में जीत ने पक्की की विश्वकप की टिकट

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2025 में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर एशिया कप हॉकी का फाइनल जीता था , इस जीत के साथ ही भारत ने विश्वकप के लिए क्वालीफाई किया था।इस जीत से भारतीय टीम ने यह साबित कर दिया था कि भारत की टीम एशिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक है।

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लक्ष्य विश्वकप

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपना पहला और अंतिम विश्वकप हॉकी टूर्नामेंट 1975 में कुआलालंपुर (मलेशिया) में अजीतपाल सिंह की कप्तानी में जीता था ,तब उसने फाइनल मैच में पाकिस्तान की टीम को 2-1 से हराया था । उस खिताब को जीते पचास से ज्यादा वर्ष हो गए हैं ऐसी स्थिति में भारतीय टीम इस प्रतियोगिता को हर हाल में जीतना चाहेगी।FIH हॉकी विश्व कप दुनिया का सबसे बड़ा हॉकी टूर्नामेंट है, जो हर चार साल में आयोजित होता है। 2026 का संस्करण इसका 16वां संस्करण होगा। 

इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन से न केवल टीम की प्रतिष्ठा बढ़ती है, बल्कि यह ओलंपिक जैसी प्रतियोगिताओं की तैयारी का भी बड़ा मंच होता है।इस वर्ष विश्वकप के लिए जो पूल बना है उसमें चिरप्रतिद्वंदी भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में हैं और इन दो टीमों के बीच खेला जाने वाला प्रत्येक मुकाबला हाई – वोल्टेज होता है। भारतीय टीम के कोच फुल्टन का मानना है कि विश्वकप के लिए कुछ ही महीने बचे हैं और इसी दौरान टीम को अपनी कमियों को दूर करना होगा।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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