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9th Dec 2025- आज है अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस जानिये इतिहास, उद्देश्य और महत्व

अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 9, 2025 12:39 अपराह्न
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हर वर्ष 9 दिसम्बर को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस (International Anti-Corruption Day) मनाया जाता है। यह दिन भ्रष्टाचार जैसी वैश्विक समस्या के प्रति जागरूकता फैलाने, इसके दुष्परिणामों को रेखांकित करने और राष्ट्रों तथा नागरिकों को एकजुट होकर इसके खिलाफ कार्रवाई करने की प्रेरणा देने के लिए समर्पित है। भ्रष्टाचार केवल किसी देश के आर्थिक संसाधनों को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि यह विकास की गति को बाधित करता है, लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करता है और आम नागरिकों के अधिकारों को प्रभावित करता है। इसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने एक अंतरराष्ट्रीय पहल की, जिसने इस दिन को वैश्विक आंदोलन का स्वरूप दिया।

अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस

इतिहास- कैसे शुरू हुई यह वैश्विक पहल

अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस का इतिहास संयुक्त राष्ट्र महासभा के वर्ष 2003 के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव से जुड़ा है। इसी वर्ष संयुक्त राष्ट्र ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध अब तक का सबसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय करार—UNCAC (United Nations Convention against Corruption) स्वीकृत किया। यह वैश्विक संधि भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए कानूनी मानकों, नीतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के ढांचे को स्थापित करती है।

UNCAC पर हस्ताक्षर 9 दिसम्बर 2003 को मेक्सिको के मेरिडा शहर में खोले गए थे। इसी दिन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को चिन्हित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 9 दिसम्बर को हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। यह दिवस 2004 से औपचारिक रूप से मनाया जाने लगा। UNCAC के उद्देश्यों में पारदर्शिता को बढ़ावा देना, सार्वजनिक सेवा में नैतिकता को मजबूत करना, कानून प्रवर्तन को सशक्त बनाना और देशों के बीच सूचना साझा कर भ्रष्ट गतिविधियों पर अंकुश लगाना शामिल था। आज 180 से अधिक देश इस संधि का हिस्सा हैं, जिससे इसे वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक समावेशी

क्यों आवश्यक है यह दिवस, भ्रष्टाचार की वैश्विक स्थिति

संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के विभिन्न आकलनों के अनुसार भ्रष्टाचार की वजह से दुनिया भर में हर वर्ष खरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान होता है। इसका सबसे बड़ा दुष्प्रभाव उन देशों पर पड़ता है।जहां शासन व्यवस्था कमजोर है। और आम जनता आवश्यक सेवाओं से वंचित रह जाती है।

भ्रष्टाचार के चलते विकास परियोजनाओं का बजट लीक होता है, हथियारों, दवाओं और निर्माण कार्यों में रिश्वतखोरी बढ़ती है,न्याय तंत्र कमजोर पड़ता है,लोकतांत्रिक संस्थाएँ अविश्वास की शिकार होती हैं।गरीब और मध्यम वर्ग की जीवन गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित होती है। इन्हीं कारणों से संयुक्त राष्ट्र ने भ्रष्टाचार को मानवाधिकारों, विकास और वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ी बाधा माना है। यह दिवस लोगों को याद दिलाता है।कि भ्रष्टाचार केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक संकट भी है।

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क्या संदेश अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस क्या संदेश देता है?

यदि आज के इस दिन पर संदेश कि बात करें तो इसका सबसे पहला उद्देश्य आम नागरिकों में भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों और इससे निपटने के उपायों के प्रति जागरूकता फैलाना है। भ्रष्टाचार किस तरह रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करता है,इस बारे में लोगों को सचेत करना इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है। वहीं सरकारों और संस्थानों को जवाबदेह बनाना है। यह दिवस दुनिया भर की सरकारों को पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदार प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में कदम उठाने के लिए प्रेरित करता है। यह दिखाता है कि भ्रष्टाचार केवल कानून का मुद्दा नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था के सुधार का मामला भी है। नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना भी है।

भ्रष्टाचार के विरुद्ध किसी भी प्रयास की सफलता नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। यह दिवस नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने, गलत कार्यों की रिपोर्ट करने और ईमानदार सामाजिक माहौल बनाने के लिए प्रेरित करता है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाना है,चूंकि भ्रष्टाचार अक्सर सीमाओं के पार वित्तीय प्रवाह और संगठित अपराध से जुड़ा होता है, इसलिए इस दिवस का उद्देश्य देशों के बीच सहयोग को सशक्त बनाना भी है।चाहे वह सूचना साझा करने, कानूनी सहायता देने या मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के तौर पर हो। इसके साथ नैतिक मूल्यों का पुनर्स्मरण कराना है। समाज में नैतिक आचरण, ईमानदारी और पारदर्शिता जैसे मूल्यों को पुनर्जीवित करना भी इस दिवस के उद्देश्यों में शामिल है। यह संस्थानों और नेतृत्व को अपने आचरण में उदाहरण पेश करने की प्रेरणा देता है।

क्यों आवश्यक है अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस-

सतत विकास लक्ष्यों से सीधा संबंध

संयुक्त राष्ट्र ने सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में लक्ष्य संख्या 16 (शांतिपूर्ण, न्यायसंगत और मजबूत संस्थाएं) के अंतर्गत भ्रष्टाचार उन्मूलन को आवश्यक माना है। भ्रष्टाचार के बिना विकास तेज, समावेशी और स्थायी बनता है। इसलिए इस दिवस का महत्व केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि विकास नीतियों से गहरे रूप से जुड़ा है।

लोकतंत्र की मजबूती में भूमिका

भ्रष्टाचार लोकतंत्र की नींव,विश्वास,को हिलाकर रख देता है। जब नागरिकों का विश्वास नीति निर्माताओं और संस्थाओं से टूटने लगता है, तो इससे सामाजिक तनाव और अस्थिरता बढ़ती है। यह दिवस लोकतंत्र की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आर्थिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव

पारदर्शी व्यवस्था निवेशकों का विश्वास बढ़ाती है। भ्रष्टाचार कम होने से निवेश बढ़ता है, रोजगार के अवसर विकसित होते हैं और वित्तीय संसाधनों का उपयोग योजनाओं पर प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। इसलिए यह दिवस आर्थिक सुधारों के एजेंडे के लिए भी महत्वपूर्ण है।

सामाजिक न्याय की स्थापना

भ्रष्टाचार का प्रभाव हमेशा गरीब और हाशिए पर पड़े समुदायों पर सबसे अधिक पड़ता है। रिश्वतखोरी के कारण उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और न्याय तक समय पर पहुंच नहीं मिल पाती। यह दिवस सामाजिक न्याय और समान अवसरों के लिए संघर्ष का प्रतीक है।

वैश्विक अपराध से लड़ने में मदद

भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद और मानव तस्करी जैसे अपराधों को बढ़ावा देता है। पारदर्शिता और कानून के शासन को मजबूत करने से इन अपराधों पर भी अंकुश लगता है। इस कारण यह दिवस वैश्विक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।

आज के दौर में

तकनीक, वैश्वीकरण और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार ने भ्रष्टाचार के रूप बदल दिए हैं। अब भ्रष्टाचार केवल नकद रिश्वत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर डेटा, डिजिटल लेनदेन, कंपनियों की शेल इकाइयों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रवाह में भी छिपा होता है। ऐसे समय में यह दिवस दुनिया को याद दिलाता है कि भ्रष्टाचार के नए स्वरूपों से निपटने के लिए नवाचार, तकनीक, सख्त नीतियाँ और पारदर्शिता आवश्यक है।

डिजिटल तकनीक जैसे ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाएँ, ब्लॉकचेन और डिजिटल रिकॉर्डिंग,भ्रष्टाचार रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। परंतु तकनीक का दुरुपयोग भी संभव है। इसलिए इस दिवस पर यह चर्चा भी महत्वपूर्ण है कि नवाचार के साथ-साथ नैतिकता और कानूनी ढांचे को भी मजबूत किया जाए।

केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं

अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर के देशों और नागरिकों को एक ऐसा अवसर प्रदान करता है जब वे भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। यह दिवस याद दिलाता है कि भ्रष्टाचार का अंत केवल कानूनों से नहीं होगा, बल्कि इसके लिए समाज के हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी, जागरूकता और ईमानदार प्रयास जरूरी हैं। ऐसे समय में जब दुनिया चुनौतियों और परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई मजबूत संस्थाओं, जवाबदेही और विश्वसनीय शासन की ओर पहला कदम है। यह केवल भ्रष्टाचार विरोध का प्रतीक नहीं, बल्कि एक बेहतर, पारदर्शी और न्यायपूर्ण दुनिया की ओर बढ़ने का वैश्विक संकल्प है।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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