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US के प्रेसिडेंट ने किया फिर चौंकाने वाला ऐलान 24 घंटे के भीतर फिर से बढ़ाया Global Tariff

US के प्रेसिडेंट ने किया फिर चौंकाने वाला ऐलान 24 घंटे के भीतर फिर से बढ़ाया Global Tariff
नवजोत कौर सिद्धू
On: फ़रवरी 22, 2026 7:51 अपराह्न
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US के  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 21 फरवरी, 2026 को एक बार फिर Global Economy को चौंकाते हुए घोषणा की है कि अमेरिका आने वाले सभी सामानों पर ग्लोबल टैरिफ (Global Tariff) को 10% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है। यह फैसला तब आया जब मात्र 24 घंटे पहले ही उन्होंने 10% टैरिफ का ऐलान किया था।

US ग्लोबल टैरिफ-  10% से 15% का सफर

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस वृद्धि की घोषणा करते हुए इसे पूरी तरह से वैध और कानूनी रूप से परीक्षित बताया। उन्होंने यह कहा कि यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके पिछले टैरिफ ढांचे (जो IEEPA कानून के तहत लगाया गया था) को असंवैधानिक घोषित करने के विरोध में एक त्वरित प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

यह टैरिफ किस कानून के तहत लगाया गया है?

US सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के झटके के बाद, राष्ट्रपति ट्रंप (Trump) ने अपनी रणनीति बदली है। अब यह टैरिफ ट्रेड एक्ट ऑफ 197 (Trade Act of 197) की धारा 12 तहत लगाया गया है।

Section 122 क्या है?

यह US व्यापार कानून (US trade law) का एक ऐसा प्रावधान है जो राष्ट्रपति ट्रंप (Trump) को असाधारण शक्तियाँ देता है, लेकिन इसकी भी कुछ सीमाएँ (limitations) हैं|

  • उद्देश्य-  यह धारा (section ) राष्ट्रपति को तब टैरिफ लगाने की अनुमति देती है जब US मे गंभीर भुगतान संतुलन (Balance of Payments) की समस्या या व्यापार घाटे का सामना कर रहा हो।
  • अधिकतम सीमा-  इस कानून के तहत राष्ट्रपति अधिकतम 15% तक ही टैरिफ (tariff) लगा सकते हैं। यही कारण है कि ट्रंप (Trump) ने इसे 10% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया, जो कि इस कानून की अंतिम सीमा है।
  • समय सीमा – यह टैरिफ केवल 150 दिनों (only 150 days) के लिए प्रभावी रह सकता है। यदि इसे आगे बढ़ाना है, तो राष्ट्रपति को अमेरिकी कांग्रेस (संसद) की मंजूरी लेनी हो

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सुप्रीम कोर्ट का फैसला और ‘प्लान-बी’ (Supreme Court’s Decision)

20 फरवरी, 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से यह फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) का उपयोग करके अनिश्चित काल के लिए व्यापक टैरिफ (Impose taxes) नहीं लगा सकते। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि टैक्स और टैरिफ लगाने की शक्ति संविधान (Constitution) के अनुसार कांग्रेस के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं।

इसी हार को जीत में बदलने के लिए ट्रंप ने सेक्शन 122 (Section 122) का सहारा लिया है। उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के खिलाफ एक “संवैधानिक विकल्प” (“constitutional alternative”) के रूप में पेश किया है।

इस फैसले का वैश्विक और भारतीय प्रभाव (Global and Indian Impact)

यह टैरिफ ‘यूनिवर्सल’ (universal) है, जिसका मतलब है कि यह लगभग हर उस देश पर लागू होगा जो अमेरिका को सामान निर्यात करता है।

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भारत पर प्रभाव

  • निर्यात पर बोझ (Export Burden) – भारत से अमेरिका जाने वाले टेक्सटाइल (Textiles), रत्न-आभूषण और इंजीनियरिंग सामान अब 15% महंगे (expensive) हो जाएंगे।
  • रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) – इससे पहले भारत और अमेरिका के बीच एक समझौता हुआ था जिसमें टैरिफ (tariff) को 18% के आसपास रखने की बात थी। अब इस नए ग्लोबल टैरिफ (global tariff) के जुड़ने से भारतीय निर्यातकों (exporters) के लिए गणित बदल सकता है।
क्षेत्रपुराना टैरिफ (प्रस्तावित)नया टैरिफ (22 Feb 2026)कानून 
वैश्विक आयात10%15%Section 122 (Trade Act 1974)
स्टील और एल्युमीनियमपहले से लागूअपरिवर्तित (उच्च)Section 232

अन्य कानून जो अभी भी प्रभावी हैं

ग्लोबल टैरिफ के अलावा US के राष्ट्रपति ट्रंप अन्य कानूनों का भी उपयोग कर रहे हैं

  • Section 232 (Trade Expansion Act of 1962) – इसका उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ लगाने के लिए किया जाता है।
  • Section 301 (Trade Act of 1974)-  इसका उपयोग चीन जैसे देशों की अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ किया जाता है।

आगे क्या होगा?

राष्ट्रपति की इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। चूँकि Section 122 केवल 150 दिनों के लिए वैध है, इसलिए अगले 5 महीनों में ट्रंप प्रशासन या तो कांग्रेस को इसे स्थायी बनाने के लिए राजी करने की कोशिश करेगा या फिर देशों के साथ नए व्यापार समझौतों के लिए दबाव बनाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस टैरिफ वृद्धि से अमेरिका में महंगाई (Inflation) बढ़ सकती है क्योंकि आयातित सामान महंगे हो जाएंगे, जिसका बोझ अंततः अमेरिकी उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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