जून का महीना भारत में मौसम के बड़े बदलावों का गवाह बनता है। एक तरफ जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में अपनी दस्तक दे चुका होता है, वहीं उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाके भीषण गर्मी और उमस की चपेट में रहते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 9 जून 2026 दिन मंगलवार को पूरे भारत के मौसम में एक साथ कई रंग देखने को मिलेंगे। कहीं भारी बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति होगी तो कहीं धूल भरी आंधी और भीषण लू (Heatwave) का प्रकोप जारी रहेगा।
दक्षिण भारत- मानसून की सक्रियता और मूसलाधार बारिश
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून 2026 को केरल के रास्ते भारत में प्रवेश किया था जो अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। 9 जून को दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।
- केरल और तटीय कर्नाटक- IMD ने इन क्षेत्रों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन इलाकों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में समुद्र की लहरें उग्र हो सकती हैं।
- तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना- इन राज्यों के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी। तमिलनाडु के आंतरिक जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी है जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
पूर्वोत्तर भारत- असम और मेघालय में भारी वर्षा का अलर्ट
पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून की रफ्तार बेहद मजबूत बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण पूरा पूर्वोत्तर क्षेत्र पानी-पानी हो रहा है।
- असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश- 9 जून को गुवाहाटी सहित असम के कई जिलों और मेघालय के पर्वतीय इलाकों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) को हाई अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) का खतरा बना हुआ है।
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा- इन राज्यों में भी आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और अधिकांश स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की उम्मीद है।
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत- साफ आसमान और बढ़ता तापमान
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में पिछले दिनों हुई प्री-मानसून गतिविधियों के बाद अब मौसम एक बार फिर शुष्क होने लगा है।
- दिल्ली और एनसीआर- मौसम विभाग के मुताबिक 9 जून को दिल्ली में मुख्य रूप से आसमान साफ रहेगा। दिन के समय तेज धूप खिलेगी जिससे अधिकतम तापमान 41°C और न्यूनतम तापमान 28°C के आसपास रहने का अनुमान है। मानसून के दिल्ली पहुंचने में अभी 2 से 3 हफ्ते का समय है (जून के अंतिम सप्ताह तक)।
- उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा- पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ इलाकों में दिन के समय गर्म और शुष्क हवाएं (लू) चल सकती हैं। हालांकि शाम के समय कुछ स्थानों पर धूल भरी आंधी या हल्के बादल छाने से आंशिक राहत मिल सकती है।
- राजस्थान- राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। थार मरुस्थल से सटे जिलों में तापमान 43°C को पार कर सकता है जिससे दोपहर के समय हीटवेव जैसी स्थिति बनी रहेगी।
मध्य और पूर्वी भारत- लू का प्रकोप और आंशिक राहत
मध्य और पूर्वी भारत के राज्य इस समय दोहरे मौसम का सामना कर रहे हैं।
- बिहार, झारखंड और ओडिशा- IMD के मासिक पूर्वानुमान के अनुसार बिहार और ओडिशा के कुछ हिस्सों में 9 जून को सामान्य से अधिक उष्ण लहर (Heatwave) चलने की आशंका है। दोपहर के समय धूप बेहद तीखी होगी। हालांकि झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में शाम को तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़- मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों और छत्तीसगढ़ में स्थानीय वायुमंडलीय बदलावों के कारण आंशिक बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ कुछ स्थानों पर आंधी और बौछारें पड़ने की संभावना है जिससे तापमान नियंत्रित रहेगा।
पश्चिम भारत- कोंकण और गोवा में मानसून की दस्तक
- महाराष्ट्र (मुंबई और कोंकण क्षेत्र)- मानसून धीरे-धीरे महाराष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। 9 जून को कोंकण, गोवा और मुंबई के तटीय इलाकों में व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ प्री-मानसून बारिश देखने को मिलेगी।
- गुजरात- गुजरात के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क और गर्म रहेगा विशेषकर सौराष्ट्र और कच्छ के इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है।
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स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव
मौसम के इस उतार-चढ़ाव भरे दौर में खुद को सुरक्षित और स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। IMD के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित सावधानियां बरतें
अत्यधिक गर्मी और लू से बचाव के उपाय (उत्तर व मध्य भारत के लिए)-
- हाइड्रेटेड रहें- प्यास न लगने पर भी दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस (ORS) घोल, नींबू पानी, छाछ या लस्सी का सेवन करें।
- दोपहर में बाहर जाने से बचें- दोपहर 11-00 बजे से शाम 4-00 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।
- उचित पहनावा- बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। सिर को टोपी, डपट्ते या छाते से ढककर रखें और सनग्लासेस का उपयोग करें।
भारी बारिश और आंधी-तूफान से सुरक्षा (दक्षिण, पूर्वोत्तर और तटीय भारत के लिए)-
- जलभराव से दूर रहें- भारी बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव वाले स्थानों से गुजरने से बचें क्योंकि वहां खुले मैनहोल या बिजली के गिरे हुए तार जानलेवा हो सकते हैं।
- आकाशीय बिजली से सुरक्षा- यदि आप बाहर हैं और आंधी-तूफान या बिजली कड़कने की स्थिति बनती है तो तुरंत किसी पक्के मकान में शरण लें। पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास कतई न खड़े हों।
- मछुआरों के लिए चेतावनी- केरल, कर्नाटक और कोंकण के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले मछुआरे 9 जून को समुद्र में न जाएं क्योंकि तेज हवाओं के कारण लहरें खतरनाक रूप से ऊंची उठ सकती हैं।
9 जून 2026 को भारत का मौसम भौगोलिक विविधता के अनुरूप बेहद मिश्रित रहेगा। जहां एक तरफ दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत मानसून की फुहारों और भारी बारिश से सराबोर रहेगा वहीं उत्तर और मध्य भारत के लोगों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करके और आवश्यक स्वास्थ्य सावधानियां बरतकर इस बदलते मौसम में सुरक्षित रहा जा सकता है।
नोट- यह मौसम पूर्वानुमान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन पर आधारित है। स्थानीय स्तर पर मौसम में तात्कालिक बदलाव संभव हैं अतः सटीक जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के स्थानीय मौसम केंद्र के अपडेट्स पर नजर रखें।







